
कांटाफोड़। शासकीय स्कूलों में बच्चों को उपलब्ध कराए जाने वाले मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। नगर के बालक माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को परोसी गई सब्जी में कीड़े मिलने की शिकायत सामने आई है। मामला सामने आने के बाद विद्यालय स्तर से लेकर संकुल स्तर तक इसकी जानकारी पहुंची, जिसके बाद संकुल प्राचार्य ने विद्यालय पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया।
मामले ने इसलिए भी गंभीरता का रूप ले लिया है, क्योंकि बच्चों ने बातचीत के दौरान भोजन में कीड़े मिलने की शिकायत पहले भी होने की बात कही है। हालांकि पूर्व की शिकायतों की पुष्टि नहीं हो सकी है। यदि बच्चों द्वारा बताई गई बात सही है तो यह भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी जांच का विषय बन सकती है।
दोनों स्कूलों में सामने आई शिकायत-
जानकारी के अनुसार दोनों विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन मीमांसा समिति, देवास द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। वर्तमान शिकायत भोजन वितरण के दौरान सामने आई। बच्चों की थाली में परोसी गई सब्जी में कीड़े दिखाई देने की बात कही गई, जिसके बाद विद्यालय स्तर पर मामला चर्चा में आया। शिकायत की जानकारी मिलने पर संकुल प्राचार्य ने विद्यालय का निरीक्षण किया। संबंधित भोजन प्रदाय एजेंसी से भी चर्चा की। संकुल प्राचार्य के अनुसार एजेंसी की ओर से शिकायत को स्वीकार किया गया तथा भविष्य में इस प्रकार की शिकायत दोबारा नहीं आने का आश्वासन दिया गया।
निर्धारित मेन्यू को लेकर भी बच्चों की शिकायत-
बच्चों ने केवल भोजन में कीड़े मिलने की बात ही नहीं कही, बल्कि निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिलने की शिकायत भी सामने रखी। बच्चों के अनुसार कई बार उन्हें तय मेन्यू के अनुरूप भोजन उपलब्ध नहीं होता। मध्यान्ह भोजन योजना का उद्देश्य बच्चों को विद्यालय में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। ऐसे में भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार तैयार हुआ या नहीं, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता कैसी थी और भोजन वितरण से पहले उसकी पर्याप्त जांच की गई या नहीं, इन सभी बिंदुओं पर निगरानी की आवश्यकता है। यह भी जांच का विषय है कि यदि पहले शिकायत हुई थी तो उस समय क्या कार्रवाई की गई और भोजन की गुणवत्ता के लिए क्या कदम उठाए गए।
भोजन की थाली तक पहुंचने से पहले कितने स्तर पर होती है जांच?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल भोजन की गुणवत्ता जांच और निगरानी व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। भोजन तैयार होने से लेकर बच्चों को परोसे जाने तक उसकी स्वच्छता और गुणवत्ता की निगरानी की व्यवस्था होती है। इसके बावजूद यदि सब्जी में कीड़े पाए जाने की शिकायत सामने आती है तो यह जानना जरूरी हो जाता है कि संबंधित स्तरों पर भोजन की जांच किस तरह की जा रही है। इसके अलावा भोजन तैयार करने वाले स्थान की स्वच्छता, खाद्य सामग्री के रख-रखाव, सब्जियों की सफाई, भोजन पकाने की प्रक्रिया और विद्यालय तक भोजन पहुंचाने के दौरान अपनाए जाने वाले स्वच्छता मानकों की भी जांच आवश्यक है।
नमूने लेकर जांच कराने की जरूरत-
मामले में अब यह मांग उठ रही है कि दोनों विद्यालयों में वितरित होने वाले मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। आवश्यकता होने पर भोजन के नमूने लेकर सक्षम स्तर पर परीक्षण कराया जाए। साथ ही निर्धारित मेन्यू, भोजन की स्वच्छता, खाद्य सामग्री के भंडारण और वितरण प्रक्रिया की भी जांच हो। फिलहाल शिकायत सामने आने के बाद संकुल प्राचार्य द्वारा निरीक्षण किया जा चुका है और संबंधित एजेंसी ने भविष्य में ऐसी शिकायत नहीं होने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि विभाग इस मामले को केवल शिकायत के स्तर पर लेता है या भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था की विस्तृत जांच कराकर आवश्यक सुधारात्मक कदम भी उठाता है।
