नई दिल्ली, भारतीय चुनाव आयोग आज नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दोनों गुटों के साथ अहम बैठक करने जा रहा है, जिसमें पार्टी के नाम और आधिकारिक चुनाव चिन्ह को लेकर अंतिम फैसला आने की पूरी उम्मीद है। आयोग ने विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों को बुलाया है, जिसके तहत सुबह 11 बजे ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट और दोपहर 12 बजे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ अलग-अलग बैठकें निर्धारित की गई हैं।
9 सितंबर को भेजे गए संदेश में तय हुआ था एजेंडा, दोनों पक्षों के दावों और तर्कों पर होगी मुख्य चर्चा
चुनाव आयोग के सचिव अश्वनी कुमार मोहल द्वारा 9 सितंबर को दोनों गुटों को भेजे गए आधिकारिक संदेश में हालांकि बैठकों का विस्तृत एजेंडा साझा नहीं किया गया था, लेकिन सूत्रों के मुताबिक मुख्य चर्चा दोनों पक्षों द्वारा पार्टी के नाम और सिंबल पर पेश किए गए दावों व कानूनी तर्कों के इर्द-गिर्द घूमेगी। आयोग दोनों प्रतिनिधिमंडलों के दस्तावेज और उनकी दलीलें सुनने के बाद ही इस बात पर विचार करेगा कि असली टीएमसी का दर्जा किसे मिलना चाहिए, जिससे पार्टी के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय होगी।
6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव से पहले बैठक बेहद अहम, राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज
पूर्वी मिदनापुर के नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर आगामी 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव और 16 सितंबर को नामांकन की आखिरी तारीख नजदीक होने के कारण चुनाव आयोग की यह बैठक बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक से पहले राज्य की राजनीति में बयानबाजी भी तेज हो गई है, जहां एक तरफ ममता बनर्जी के दिल्ली रवाना होने पर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ सभी की निगाहें चुनाव आयोग के इस कड़े और ऐतिहासिक फैसले पर टिकी हुई हैं।

