
मंदसौर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर जिले में सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंक कर्मियों ने राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल को व्यापक समर्थन दिया। हड़ताल के चलते सार्वजनिक क्षेत्र एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में कामकाज प्रभावित रहा और बैंककर्मियों ने गांधी चौराहा पर जोरदार प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।
देशभर में आठ लाख से अधिक बैंककर्मी एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल पर रहे। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अंतिम समय तक किए गए प्रयासों के बावजूद केंद्र सरकार और वित्त विभाग के अड़ियल रवैये और अटकाने, भटकाने और लटकाने की नीति के कारण यूनाइटेड फोरम को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अन्य केंद्रीय और राज्य सरकार के कार्यालयों की तरह बैंकों में भी कार्य और स्वास्थ्य मे तालमेल बिठाने के लिए मार्च 2024 मे 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने पर लिखित समझौता हुआ था किन्तु इस मुद्दे को लटकाए जाने से बैंक कर्मियों में भारी आक्रोश है।वक्ताओ ने इसे एम ओ यू, और द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघन, और ईमानदार बैंक कर्मियों के साथ बेईमानी बताया! भारत को छोड़कर ब्रिस्क के सभी देशो मे 5 दिवसीय बैंकिंग है,
वक्ताओं ने कहा कि द्विपक्षीय समझौते के बावजूद प्रबंधन के एक वर्ग को बिना मांगे एकतरफा एवं भेदभावपूर्ण पीएलआई भुगतान किए जाने से सभी बैंककर्मियों के साथ अन्याय हुआ है।यह कर्मचारियों मे भेदभाव पैदा करती है, इससे द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघन हुआ है, उन्होंने इस निर्णय का पुरजोर विरोध करते हुए सरकार से पूर्ववत एक समान नीति अपनाये जाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने, पेंशन में नियमित संशोधन करने, बड़े डिफॉल्टरों से बैंक ऋण की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने तथा कॉर्पोरेट्स को एनसीएलटी के नाम पर बैंक ऋण माफ कर जनता के धन के दुरुपयोग पर रोक लगाने सहित कई मांगें उठाईं। उन्होंने सरकार एवं आईबीए से इन मुद्दों पर शीघ्र ठोस कदम उठाने की मांग की।
वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सहमति नहीं बनी तो बैंककर्मी चरणबद्ध आंदोलन को और तेज कर सकते हैं। इसके तहत 28 सितंबर से तीन दिवसीय हड़ताल तथा 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का विकल्प भी खुला रखा गया है।
प्रदर्शन को नरेंद्र सिंह राठौर, ललित मूंगेड, एस आर शास्ता, महेंद्र सिंह चंन्द्रावत, श्रीनिवास मोड़, सुधांशु दरगढ़, राजेश व्यास, नीलेश परिहार, त्रिलोक सिंह शक्तावत, राहुल मांदलिया, राजेंद्र गुप्ता, प्रज्ञा जैन, पूनम रावल, शीतल राजपुरोहित, अजया चौहान, कीर्ति, रामरूप मीणा, सुनील जैन, मोहित राठौर, रवि गेहलोत, विपिन यादव, वीरेंद्र भावसार, शिवरमन पाटीदार, भोलेश्वर पाठक, नसरत मोहम्मद, रमेश देवड़ा, महेश मोदी, बीएसएनएल के मुनव्वर हुसैन आदि ने संबोधित किया -सभा मैं सचिन पारेख, मनीष जैन, दीपक परमार, हितेन्द्र, महेंद्र भदौरिया, विपिन राठौड़, अशोक सिंगार, मुकेश कुमावत, मंगलेश राठौर, किशोर कुमावत, सौरभ जोशी, सहित बड़ी संख्या मे बैंककर्मी उपस्थित थे। संचालन गजेंद्र तिवारी ने किया। आभार वीरेंद्र भावसार ने माना।
