बैंक ऑफ इंडिया ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में 12 डिजिटल बैंकिंग पहलों का अनावरण किया

श्री रजनीश कर्नाटक, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, बैंक ऑफ इंडिया ने मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2026 में बैंक के स्टॉल का उद्घाटन किया।

नई पेशकशों में Omni Neo मोबाइल बैंकिंग, प्रीमियम कार्ड, डिजिटल करेंसी, सेल्फ-सर्विस बैंकिंग और FinTech सहयोग शामिल हैं

मुंबई, 11 सितंबर, 2026: बैंक ऑफ इंडिया ने 9–11 सितंबर, 2026 तक आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2026 में अपनी बढ़ती डिजिटल क्षमताओं का प्रदर्शन किया और भुगतान, कार्ड, डिजिटल करेंसी, सेल्फ-सर्विस बैंकिंग, अनुपालन, ग्राहक सहभागिता तथा फिनटेक सहयोग से जुड़ी 12 पहलों का अनावरण किया।

बैंक के बूथ का उद्घाटन श्री राजनीश कर्नाटक, प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बैंक ऑफ इंडिया तथा बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों और बैंक के प्रौद्योगिकी एवं फिनटेक साझेदारों के प्रतिनिधियों ने किया।

ये पहल बैंक ऑफ इंडिया के बैंकिंग को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित, समावेशी और सुलभ बनाने पर केंद्रित प्रयासों को दर्शाती हैं तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एजेंटिक कॉमर्स, प्रोग्रामेबल डिजिटल करेंसी और डेटा-आधारित ग्राहक सहभागिता जैसे उभरते क्षेत्रों में उसकी क्षमताओं को मजबूत करती हैं।

इस अवसर पर बोलते हुए, श्री राजनीश कर्नाटक, प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बैंक ऑफ इंडिया ने कहा, “भारत का वित्तीय सेवा ईकोसिस्टिम एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसमें टेक्नॉलॉजी मे हो रहे नये प्रयोगो से सेवाए ज्यादा से ज्यादा लोगोंको सुरक्षित तरिके से पहुंचाना और ग्राहक अनुभव में सार्थक सुधार लाना आवश्यक है। GFF 2026 में बैंक ऑफ इंडिया द्वारा प्रस्तुत पहल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक की पहुंच और विश्वास को उभरती प्रौद्योगिकियों तथा इकोसिस्टिम मे मजबूत साझेदारियों के साथ जोड़ने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। जैसे-जैसे हम अपने डिजिटल परिवर्तन को आगे बढ़ा रहे हैं, हमारा ध्यान ऐसे समाधान विकसित करने पर बना रहेगा, जो समावेशी, स्केलेबल और हमारे ग्राहकों की बदलती जरूरतों के अनुरूप हों।”

मोबाइल आधारित एवं AI-सक्षम डिजिटल भुगतान

बैंक ऑफ इंडिया ने भारत के तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल-भुगतान बुनियादी ढांचे के इर्द-गिर्द विकसित छह पहलों को प्रस्तुत किया।

UPI Help 2.0 ग्राहकों को अपने UPI लेनदेन का इतिहास को देखने, शिकायत दर्ज करने और उसे ट्रैक करने तथा अपने बैंक ऑफ इंडिया खातों से जुड़े मैंडेट का प्रबंधन करने के लिए एकल प्रमाणीकृत इंटरफेस प्रदान करता है, चाहे मैंडेट जिस भी UPI एप्लिकेशन के माध्यम से बनाए गए हों। BOI ने इस सुविधा को Omni Neo Mobile App में एकीकृत किया है और अब BOI ग्राहक Omni App पर BOI खाते पर बनाए गए मैंडेट को देख और प्रबंधित कर सकते हैं। UPI Help की एक अन्य महत्वपूर्ण सुविधा transaction replay है। यह उपयोगकर्ता को किसी भी UPI ऐप पर पहले किए गए UPI लेनदेन को Omni Neo ऐप से फिर से शुरू करने की सुविधा देती है, जिसमें BOI खाता लिंक है।

बैंक ने BOI ग्राहकों के लिए PoS पर UPI Tap & Pay भी लॉन्च किया। यह सुविधा ग्राहकों को NFC-सक्षम स्मार्टफोन को समर्थित point-of-sale टर्मिनल पर टैप करके संपर्करहित UPI भुगतान करने में सक्षम बनाती है। BOI ग्राहक अपने Omni Neo मोबाइल ऐप पर Tap & Pay सुविधा को सक्षम कर सकते हैं और Tap & Pay लेनदेन के लिए इसे डिफॉल्ट ऐप बना सकते हैं। जब वे ₹5000/- से कम की कोई खरीदारी करते हैं, तो व्यापारी UPI collect request शुरू करेगा और ग्राहक को केवल PoS मशीन पर फोन टैप करना होगा तथा लेनदेन सफल हो जाएगा।

मोबाइल बैंकिंग के लिए एक अन्य प्रमुख लॉन्च Unified Ticketing Platform था, जिसे NPCI Bharat BillPay Limited द्वारा विकसित किया गया है और जिसे मेट्रो, बस तथा अन्य सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों में इंटरऑपरेबल QR-आधारित टिकटिंग सक्षम करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस एकीकरण के माध्यम से, जैसे-जैसे भाग लेने वाले ट्रांजिट और पर्यटन ऑपरेटर इस प्लेटफॉर्म से जुड़ते जाएंगे, बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक बैंक के Omni Neo मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से स्थानीय परिवहन और पर्यटन स्थलों के लिए टिकट बुक कर सकेंगे।

बैंक ऑफ इंडिया ने GFF 2026 में NPCI के सहयोग से IMPS Bulk Payment लॉन्च किया। यह सुविधा ग्राहकों को बड़ी संख्या में भुगतान अनुरोध भेजने की अनुमति देती है और सिस्टम लेनदेन को प्रोसेस कर एक ही बार में ग्राहकों के साथ response file साझा करेगा। यह हमारे कॉर्पोरेट ग्राहकों के लिए इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से बहुत उपयोगी होगा। यह सुविधा बैंक के Centralised Digital Payment Switch (CDPS) पर विकसित की गई है।

उद्देश्य-आधारित लेनदेन के लिए प्रोग्रामेबल CBDC

अपने डिजिटल-करेंसी पोर्टफोलियो के तहत, बैंक ऑफ इंडिया ने औपचारिक रूप से User-level Programmable Central Bank Digital Currency कार्यक्षमता लॉन्च की। यह समाधान ऐसे डिजिटल टोकन जारी करने में सक्षम बनाता है, जिनमें merchant-category restrictions, geographical limits, expiry periods और specified acceptance criteria जैसी उपयोग शर्तें अंतर्निहित होती हैं।

यह प्रणाली सुरक्षित टोकन जारी करने, ट्रांसफर और व्यापारी भुगतान को सपोर्ट करती है, जिसमें यह सुनिश्चित करने के लिए real-time checks किए जाते हैं कि लेनदेन कॉन्फिगर की गई शर्तों के अनुरूप हों। संभावित उपयोगों में लक्षित सब्सिडी, राहत भुगतान, उद्देश्य-आधारित लाभ और अन्य Direct Benefit Transfer कार्यक्रम शामिल हैं। Programmability यह सुनिश्चित करने में मदद कर सकती है कि धनराशि का उपयोग उसके निर्धारित उद्देश्य के लिए किया जाए, साथ ही पारदर्शिता, auditability और परिचालन दक्षता में सुधार हो।

GFF 2026 में बैंक ऑफ इंडिया के कार्ड उत्पाद पोर्टफोलियो में प्रमुख था Terra Mastercard World Credit Card. यह कार्ड प्रीमियम यात्रा, लाइफस्टाइल और वैश्विक-भुगतान लाभ चाहने वाले ग्राहकों के लिए डिजाइन किया गया एक संपर्करहित अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड है। इस कार्ड का उपयोग ATM, point-of-sale टर्मिनल और e-commerce प्लेटफॉर्म पर किया जा सकता है।

Terra यात्रा, मनोरंजन, डाइनिंग, मोबिलिटी, वेलनेस और डिजिटल सब्सक्रिप्शन के क्षेत्र में लाभ प्रदान करता है। इनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लाउंज का एक्सेस, पात्र लेनदेन और पसंदीदा श्रेणियों पर तेज़ी से रिवॉर्ड पॉइंट अर्जित करना तथा PVR INOX, Swiggy, Uber, Netmeds, Paytm Flights, Yatra, JioSaavn, Tata CLiQ Fashion और Tattva Spa से ऑफर शामिल हैं, जो लागू नियमों और शर्तों के अधीन हैं। यह कार्ड बिना किसी issuance fee के पेश किया जा रहा है और मुख्य कार्ड के लिए ₹990 तथा add-on कार्ड के लिए ₹750 का वार्षिक सदस्यता शुल्क है।

Terra Credit Card के साथ-साथ, बैंक ने Unified AgentNxt Partner Integration भी लॉन्च किया, जो एक ऐसा साझा फ्रेमवर्क प्रदान करता है, जिसके माध्यम से बैंक कई अनुमोदित technology service providers के साथ जुड़ और उनका प्रबंधन कर सकता है। पार्टनर onboarding, operations, reporting और governance को मानकीकृत करके, इस प्लेटफॉर्म से ecosystem management को सरल बनाने तथा customer acquisition, assisted banking, merchant services, financial inclusion, payments और collection पहलों को अधिक कुशलता से विस्तार देने की उम्मीद है।

अगली पीढ़ी की सेल्फ-सर्विस बैंकिंग

Hitachi के सहयोग से, बैंक ऑफ इंडिया ने Android-आधारित Cash Recycler Machine के proof of concept का प्रदर्शन किया, जो कई सेल्फ-सर्विस बैंकिंग सुविधाओं को एकल software-driven platform पर लाता है।

पारंपरिक ATM और cash-recycler सेवाओं के साथ-साथ, यह मशीन UPI-आधारित interoperable cardless cash withdrawals, Green PIN generation और real-time debit-card issuance को सपोर्ट करती है। यह proof of concept बैंक को customer experience, technology integration, operational requirements और next-generation self-service banking infrastructure की संभावित भविष्य की तैनाती का मूल्यांकन करने में सक्षम बनाएगा।

फिनटेक, अनुपालन और ग्राहक-सहभागिता प्लेटफॉर्म

बैंक ऑफ इंडिया ने अनुपालन, ग्राहक सहभागिता, उत्पाद खोज और फिनटेक सहयोग में सुधार के लिए डिजाइन किए गए technology-led platforms भी प्रस्तुत किए।

ALPHA PLUS एक technology-enabled compliance platform है, जिसे रेगुलेटरी इंस्पेक्शन मैनेजमेंट , रेगुलेटरी कॉरेस्पोंडेंस ट्रैकिंग , कम्प्लायंस एडवाइजरी, सर्कुलर रिपॉजिटरी मैनेजमेंट, डेविएशन रिपोर्टिंग, पेनल्टीज ट्रैकिंग ( Regulatory Inspection Management, Regulatory Correspondence Tracking, Compliance Advisory, Circular Repository Management, Deviation Reporting, Penalties Tracking) आदि जैसे अनुपालन कार्यों को स्वचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है।

BOI ने FinTech Connect Portal लॉन्च किया, जो एक सीधा चैनल प्रदान करता है, जिसके माध्यम से fintech कंपनियां अपनी क्षमताओं को पंजीकृत कर सकती हैं और बैंक को प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकती हैं। आवेदन बिना किसी शुल्क के किए जा सकते हैं और उनका मूल्यांकन योग्यता के आधार पर किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक submission को एक reference ID और एक निर्धारित internal owner दिया जाएगा। इस पोर्टल का उद्देश्य fintech capabilities का एक केंद्रीय repository तैयार करना और संभावित साझेदारों के साथ जुड़ाव को अधिक पारदर्शी और संरचित बनाना है।

बैंक ने Markytics का भी प्रदर्शन किया, जो एक in-branch cross-selling और visitor-engagement platform है। GFF में इस प्लेटफॉर्म ने proximity-based visit tracking, relevant product discovery, lead generation, session bookings, visitor reminders, feedback collection और rewards management को सक्षम किया। इसका dashboard बैंक की टीमों को visitor activity, product interest, dwell time और conversion trends की जानकारी प्रदान करता है। यह प्लेटफॉर्म रिटेल, कमर्शिअल, डिजीटील बँकिंग और फिनटेक ऑफरिंग की क्रॉस सेलिंग में सहायता कर सकता है. ग्राहको का फायदा कैसे होगा इस की पहचान करके रिलेशनशिप मॅनेजरके लिए contextualised leads तैयार किए जाते हैं।

बैंक ऑफ इंडिया ने E-Kosha 2.0 भी प्रस्तुत किया. यह ToneTag- से लैस conversational banking proposition है और ग्राहकों को voice के माध्यम से बैंक के साथ जुड़ने की सुविधा देता है। डिजिटल बैंकिंग को सरल और अधिक समावेशी बनाने के लिए डिजाइन किया गया E-Kosha, ग्राहकों को जटिल स्क्रीन पर नेविगेट किए बिना बैंकिंग जानकारी और सेवाओं तक guided access प्रदान कर सकता है।

इस प्लेटफॉर्म को branches, Business Correspondent locations और अन्य high-footfall touchpoints पर तैनात किए जाने की संभावना है। इसे धीरे-धीरे account services, payments, transfers, loans, insurance, investments, customer service और product discovery को कवर करने के लिए विस्तारित किया जा सकता है। साथ मिलकर, ये पहल आंतरिक क्षमताओं को ecosystem partnerships के साथ जोड़कर उभरती प्रौद्योगिकियों को व्यावहारिक बैंकिंग अनुप्रयोगों में बदलने के बैंक के दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।

बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व ने प्रमुख उद्योग चर्चाओं में योगदान दिया

बैंक ऑफ इंडिया के वरिष्ठ नेतृत्व ने AI, क्रेडिट, अनुपालन, साइबर सुरक्षा, operational resilience और अंतरराष्ट्रीय फिनटेक सहयोग के भविष्य की पड़ताल करने वाली चर्चाओं में भाग लिया।

श्री राजनीश कर्नाटक, प्रबंध निदेशक एवं CEO, ने “End-to-End AI in Credit” शीर्षक वाले सत्र में भाग लिया और क्रेडिट लाइफसाइकल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोग पर अपने विचार साझा किए।

• श्री पि आर राजगोपाल, कार्यकारी निदेशक, ने “AI-powered Early Warning Systems: Protecting Portfolios and Driving Growth” पर चर्चा में भाग लिया;

• श्री सुब्रत कुमार, कार्यकारी निदेशक, ने “Hyperpersonalisation in Banking at Scale.” पर चर्चा में भाग लिया;

• श्री प्रमोद कुमार द्विवेदी, कार्यकारी निदेशक – “Co-Designing Responsible AI: BFSI, Regulators and the Future of Financial Innovation”;

• श्री सत्येंद्र सिंह, CGM एवं CIO – “Autonomous Banking: From Ambition to Accountability”;

• श्री अशोक पाठक, CGM – “India–UK FinTech Growth Corridor”;

• श्री आशुतोष मिश्रा, GM एवं CTO – “From Access to Ownership: Where Financial Institutions Build Their AI Edge” और “The Always-On Core: Solving for Resilience, Residency, Sovereignty & Multi-Cloud in the Agentic Era”;

• श्री एस गौरी शंकर राव CFTO – “Trust. Connect. Convert: The ROI-Driven Customer Journey”; और

• श्री कुलदीप पाल, CISO – “The SOC Capacity Crisis: Can AI Solve Cybersecurity’s Growing Gap Between Threats and Talent?”

तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान, बैंक के बूथ पर सरकारी निकायों और नियामकों के विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया गया तथा ग्राहकों, फिनटेक कंपनियों, प्रौद्योगिकी साझेदारों और अन्य हितधारकों के लिए लाइव प्रदर्शन आयोजित किए गए।

GFF 2026 में बैंक ऑफ इंडिया की भागीदारी ने भविष्य के लिए तैयार, समावेशी और सुरक्षित बैंकिंग पारिस्थितिकी तंत्र बनाने तथा “Relationship Beyond Banking” के अपने वादे को पूरा करने की उसकी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।

Next Post

BRICS में मोदी-शी जिनपिंग कल होंगे आमने-सामने, 7 साल बाद भारत आ रहे शी जिनपिंग; क्या सुधरेंगे भारत-चीन रिश्ते?

Fri Sep 11 , 2026
नई दिल्ली। दिल्ली में दुनिया की बड़ी ताकतों का जमावड़ा शुरू हो चुका है… रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं और अब नजरें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर हैं। 7 साल बाद शी जिनपिंग का भारत दौरा… और इसके बीच हो रहा है BRICS का शिखर […]

You May Like