
बागली। भादो माह की स्नान अमावस्या पर धाराजी स्थित नर्मदा तट पर शुक्रवार प्रातः 5 बजे से श्रद्धालुओं के स्नान, दान-पुण्य एवं पूजा-अर्चना का सिलसिला प्रारंभ हुआ, जो देर रात तक चालु रहा क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक दिन पूर्व ही धाराजी पहुंच गए । कई श्रद्धालुओं ने नर्मदा तट की चट्टानों पर रात्रि विश्राम कर अगले दिन प्रातःकाल नर्मदा स्नान एवं पूजन किया।
*घाट पर फिसलन से श्रद्धालु हुए परेशान*
धाराजी स्नान घाट पर पानी कम होने के कारण चट्टानों पर फिसलन अधिक रही। स्नान के दौरान कई श्रद्धालु फिसलकर गिरते रहे। इसी दौरान बालगढ़ निवासी कृपाल सिंह एवं हार्टपिपल्या निवासी मानसिंह को हल्की चोटें भी आईं। श्रद्धालुओं ने बताया कि यदि पर्व के दौरान नर्मदा का जलस्तर वर्तमान से करीब एक से दो मीटर अधिक रहे और जंजीर के ऊपर तक पानी हो, तो श्रद्धालु जंजीर पकड़कर सुरक्षित एवं आसानी से स्नान कर सकेंगे। वर्तमान में जंजीर के समीप ही पानी होने के कारण घाट पर फिसलन बढ़ गई।
*पोहा वितरण और कन्या भोज का आयोजन*
हर अमावस्या की तरह इस अमावस्या पर भी जटाशंकर सेवा समिति द्वारा पोहा वितरण की परंपरा जारी रही। पातालपुरी वाले बाबा द्वारा भोजन भंडारे की व्यवस्था भी की गई वहीं पिपरी स्थित मां मनोकामनेश्वरी नर्मदा मंदिर एवं सनातन विचार मंच परिसर में बागली श्रद्धालु की ओर से कन्या भोज का आयोजन किया गया। श्री सीता माता मंदिर पर भी कन्या भोज आयोजित किया गया,
*पुल पर बड़ा गड्ढा बना परेशानी का कारण*
पिपरी-धाराजी मार्ग पर पूर्णी नदी के पुल के मुहाने पर बड़ा गड्ढा होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी दौरान अशोक शर्मा सहित अन्य श्रद्धालु बाइक से गुजरते समय गिरते-गिरते बचे। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। ग्रामीणों के अनुसार गड्ढे को भरने की पहल पूर्व में भी की जा चुकी है, लेकिन अब तक जिम्मेदारों द्वारा ध्यान नहीं दिया गया।
श्रद्धालुओं ने पुल के मुहाने पर बने गड्ढे को तत्काल भरने के साथ ही पुल पर सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाने की मांग की है। श्रद्धालुओं का कहना है कि अमावस्या एवं अन्य पर्वों पर धाराजी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में मार्ग और स्नान घाट की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।
