आईडीए में प्लॉट पीड़ितों द्वारा हंगामा और घेराव 

इंदौर. गुरुवार को आईडीए कार्यालय में योजना 171 ओर 77 प्लॉट पीड़ितों ने जमकर हंगामा किया. शहर के छह हजार से ज्यादा लोग 30 साल से ज्यादा प्लॉट को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. आज प्लॉट धारकों की तीसरी पीढ़ी जेन जी भी प्लॉटों के मुद्दे को लेकर आईडीए कार्यालय पहुंची थी.

आईडीए ने योजना 171 निरस्त कर दी है. उक्त योजना में 13 से गृह निर्माण संस्थाओं के 6 हजार से ज्यादा लोग प्लॉट मिलने का इंतजार कर रहे हैं. प्लॉट मिलने के इंतजार में कई लोगों की मृत्यु भी हो चुकी है. आज योजना 171 ओर 77 के पीड़ितों का आईडीए से संभागायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च निकालने का कार्यक्रम तय था. इसको लेकर आज सुबह सैकड़ों की संख्या प्लॉट पीड़ित के परिवार, बच्चे और बुजुर्ग आईडीए इकट्ठा हुए थे. पीड़ितों ने पैदल मार्च के लिए बैंड बाजे भी बुला रखे थे. पीड़ित अपनी मांगों को लेकर कमिश्नर कार्यालय ज्ञापन देने वाले थे. योजना 171 में प्लॉट नहीं मिलने से पीड़ितों ने पहले आईडीए कार्यालय में सीईओ डॉ परीक्षित झाड़े का घेराव किया ऑफ नारेबाजी कर फैलासा लेने की मांग की. मामले में बढ़ते आक्रोश की जानकारी लगते हज कमिश्नर भास्कर लक्षकार और कलेक्टर शिवम वर्मा आईडीए कार्यालय पहुंचे. प्लॉट पीड़ितों के साथ बड़ी संख्या में जेन जी भी आईडीए कार्यालय में मौजूद थे. बताया जा रहा है कि जेन जी ने आयुक्त भास्कर लक्षकार और कलेक्टर शिवम वर्मा को प्लॉटों की लेकर खूब तर्क किए, जिसका जवाब अधिकारियों के पास नहीं था. योजना 171 के पीड़ितों की मांग थी कि जब आईडीए द्वारा खर्च 5.89 करोड़ की राशि जमा कर दी है,वेस्कर बाद भज एनओसी क्यों नहीं दी जा रही है. जेन जी ने आयुक्त लक्षकार से कहा कि फैसला करे, हमारे परिवारों की एक पीढ़ी प्लॉट के इंतजार में ख़त्म होने की स्थिति है, कई मर भी चुके है. माता पिता भी प्लॉटों को लेकर आश्वासन सुन सुन कर परेशान और वृद्धावस्था में पहुंच गए है. अब हम तीसरी पीढ़ी जेन जी आपके सामने है,कल आप भी हमारी चुनौती के लिए तैयार रहें. अंत में सबकी बात सुनने के बाद अधिकारियों ने अक्टूबर की बोर्ड बैठक में निर्णय लेने का आश्वासन दिया. पीड़ितों ने इस पर भी लिखित में पत्र की मांग की. आईडीए सीईओ डॉ परीक्षित झाड़े ने करीब दो बजे योजना 171 के पीड़ितों को लिखित में पत्र जारी किया कि अक्टूबर माह के दूसरे सप्ताह के पहले आयोजित बोर्ड बैठक में निर्णय लिया जाएगा.

बोर्ड बैठक में फैसला नहीं हुआ तो आत्मदाह की चेतावनी

प्लॉट पीड़ितों की अध्यक्ष सुनीता तोमर, एस एन झंवर, राजेश तोमर, राजेश शर्मा धामनोद, देवी अहिल्या गृह , पुष्प विहार, पुष्प शर्मा , मनीषा बियानी , पविता रघुवंशी सहित सैकड़ों की संख्या में बुजुर्ग महिलाएं, बुजुर्ग, पुरुष , युवा और जैन जी मौजूद थे. पीड़ितों ने कहा कि आगामी बैठक वाले दिन आईडीए परिसर में ही धरना देकर बैठेंगे. बोर्ड बैठक में फैसला हमारे हक में नहीं हुआ, तो फिर यही पर आत्मदाह किया जाएगा. अब हमारी मौत होगी या फिर मिठाई बंटेगी.

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