
भोपाल। मुख्यमंत्री विवाह सहायता योजना में फर्जी आवेदकों और दस्तावेजों के जरिए 30.18 करोड़ रुपये के घोटाले और धनशोधन के मामले में सिरोंज जनपद पंचायत के पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी शोभित त्रिपाठी को बुधवार को जेल भेज दिया गया. सात दिन की प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत पूरी होने के बाद ईडी की टीम ने उसे भोपाल की विशेष धनशोधन निवारण अधिनियम अदालत में पेश किया. सुनवाई के बाद विशेष न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश प्रवीण कुमार पटेल ने शोभित को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भोपाल केंद्रीय जेल भेजने के आदेश दिए. ईडी ने दो सितंबर को शोभित को गिरफ्तार किया था. जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई है. ईडी को आशंका है कि घोटाले की रकम को रिश्तेदारों के बैंक खातों और मुखौटा कंपनियों के जरिए निवेश किया गया.
सात ठिकानों पर छापे, मिले दस्तावेज और उपकरण
रिमांड के दौरान शोभित से मिली जानकारी के आधार पर ईडी ने भोपाल, विदिशा और सिरोंज समेत प्रदेश में सात स्थानों पर छापे मारे. यहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद हुए हैं. जांच में सामने आया कि सीईओ पद पर रहते हुए 27 वर्षीय युवक की तीन बेटियों की शादी के फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए गए थे. ईडी इन दस्तावेजों का सत्यापन करा रही है. एजेंसी अगले माह तक अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर सकती है. शोभित इससे पहले आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के मामले में करीब 17 माह जेल में रह चुका है. शोभित मंत्री गोपाल भार्गव का रिश्तेदार है.
