देश के बाहर आधार फेस ऑथेंटिकेशन को आसान बनाने के लिए नया सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट जारी

मुंबई, 09 सितंबर (वार्ता) भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने देश के बाहर साझेदार संस्थाओं के लिए आधार प्रमाणन को आसान बनाने और जिओ-फेंसिंग की उन पुरानी पाबंदियों को कम करने के लिए एक नया फेस ऑथेंटिकेशन सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट (एसडीके) जारी किया है।

जिओ फेंसिंग के कारण विदेश यात्रा करने वाले या वहां रहने वाले भारतीयों के लिए आधार फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल सीमित था। अब इस नये किट से यह समस्या समाप्त हो जाएगी।

यूआईडीएआई के अध्यक्ष नीलकंठ मिश्रा ने यहां जियो वर्ल्ड सेंटर में आयोजित चार दिवसीय ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दूसरे दिन बुधवार को यह जानकारी दी। “डिजिटल आइडेंटिटी एंड बियॉन्ड” सत्र को संबोधित करते हुए श्री मिश्रा ने बताया कि नया एसडीके पार्टनर बैंकों और व्यवसायों को यूआईडीएआई के सेंट्रल सिस्टम की बजाय अपने सर्वर पर स्थानीय रूप से आधार प्रमाणन करने की सुविधा देगा।

श्री मिश्रा ने कहा, “जियो-फेंसिंग हटाने की समस्या यह है कि आप असुरक्षित हो जाते हैं। यह एक महत्वपूर्ण अवसंरचना है। निश्चित रूप से हम हर दिन सैकड़ों हमले देखते हैं। हमारे पास सुरक्षा उपाय हैं।” उन्होंने बताया इस नये मॉडल में प्रमाणन यूआईडीएआई के सर्वर की बजाय बैंक के अपने सर्वर पर होता है। इससे जोखिम यूआईडीएआई के सिस्टम तक नहीं पहुंचता।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब आधार प्रमाणन की संख्या तेजी से बढ़ी है। कुछ साल पहले तक हर दिन औसतन लगभग सात करोड़ प्रमाणन होते थे। आज यह संख्या लगभग 10 करोड़ हो गई है।

श्री मिश्रा ने बताया कि यूआईडीएआई प्रतिदिन 25 से 30 करोड़ प्रमाणन के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि अभी 600 से अधिक संस्थाएं इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही हैं। छह करोड़ बार आधार ऐप डाउनलोड किए जा चुके हैं।

संस्थाओं द्वारा इसे अपनाए जाने के बारे में उन्होंने कहा, “तेलंगाना पुलिस अब जोर दे रही है कि उनके द्वारा किए जाने वाले कई तरह के सत्यापन के लिए आधार ऐप की जरूरत होती है। इससे लोग आधार ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित होते हैं।”

यूआडीएआई की मूल सोच के बारे में उन्होंने कहा कि आधार सिर्फ एक डेटाबेस है। यूआईडी अपना दायरा नहीं बढ़ाना चाहता। उन्होंने कहा, “हमारा काम 1.44 अरब लोगों की पहचान के आंकड़े संभालना और उसे सुरक्षित तथा भरोसेमंद तरीके से उपलब्ध कराना है। हम एक ऐसी अवसंरचना बनना चाहते हैं जिसके बारे में किसी को पता न चले।”

जुपिटर के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र गुप्ता ने कहा, “मुझे यह मानना होगा कि आधार फिनटेक उद्योग के लिए सबसे बड़े वरदानों में से एक रहा है। इसने ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने में बहुत मदद की है।”

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