हैदराबाद, तेलंगाना विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान बुधवार को भारी हंगामा देखने को मिला, जब भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कई सदस्यों ने कार्यवाही में बाधा डालते हुए सदन के बीचों-बीच आकर जमकर नारेबाजी की। बीआरएस कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव द्वारा स्थगन प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद पार्टी विधायकों ने पुलिस की कथित कार्रवाई और सत्ताधारी दल की टिप्पणियों पर चर्चा की मांग की। बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद जब सदस्य अपनी सीटों पर वापस नहीं लौटे, तो संसदीय मामलों के मंत्री डी. श्रीधर बाबू के प्रस्ताव पर स्पीकर गड्डम प्रसाद कुमार ने बीआरएस सदस्यों को सत्र की शेष अवधि के लिए सस्पेंड कर दिया।
विधानसभा के बाहर प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मियों से बदसलूकी का आरोप, शीर्ष नेताओं पर FIR दर्ज
दूसरी ओर, सोमवार को विधानसभा के बाहर हुए बीआरएस के विरोध-प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों के साथ कथित बदसलूकी और झड़प का मामला सामने आया है। इस सिलसिले में सैफाबाद पुलिस थाने में बीआरएस के वरिष्ठ नेताओं—पूर्व मंत्री टी. हरीश राव, केटीआर और कई अन्य विधायकों व विधान परिषद सदस्यों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस शिकायत के अनुसार, जब पुलिसकर्मियों ने राजनीतिक नारों वाली टी-शर्ट और प्लेकार्ड लेकर अंदर जाने से रोका, तो नेताओं ने नियमों का उल्लंघन करते हुए कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया।
कांग्रेस सरकार के खिलाफ बीआरएस का जोरदार प्रदर्शन, चुनावी वादे पूरे न करने का लगाया गंभीर आरोप
यह पूरा विवाद कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के खिलाफ बीआरएस के उस विरोध-प्रदर्शन का हिस्सा है, जिसमें पार्टी ने सरकार के 1,000 दिन पूरे होने के बावजूद अपने प्रमुख चुनावी वादों को पूरा करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है। सरकार की ओर से इस मामले में तस्वीरें जारी कर प्रदर्शन के दौरान हुई व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए गए हैं, जिसके चलते राज्य की सियासत में तनाव काफी बढ़ गया है और आने वाले दिनों में राजनीतिक टकराव और अधिक तेज होने के आसार हैं।

