नयी दिल्ली, (वार्ता) निजी दूरसंचार कंपनी एयरटेल ने गूगल के आरसीएस प्लेटफार्म और स्पैम फिल्टर सुविधाओं के लिए उसके साथ एक करार किया है।
कंपनी ने रविवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि एयरटेल के नेटवर्क इंटेलिजेंस और गूगल के रिच कम्युनिकेशन सर्विसेज (आरसीएस) प्लेटफॉर्म तथा स्पैम फिल्टरिंग के संयोजन से उपयोगकर्ता अच्छी गुणवत्ता वाली फोटो और वीडियो का अनुभव कर सकते हैं। वे मैसेज रिएक्शन जैसे इंटरैक्टिव विकल्पों का भी लाभ उठा सकते हैं। साथ ही उन्नत सुरक्षा व्यवस्था के जरिये मोबाइल स्पैम और डिजिटल धोखाधड़ी काफी हद तक कम हो जायेगी।
कंपनी ने बताया कि डिजिटल इकोसिस्टम के भीतर एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कमी अब भी मौजूद है। जहां पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क जो मैसेजिंग सुविधा प्रदान करते हैं, वे सुरक्षा मानकों और दूरसंचार स्तर की सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत संचालित होते हैं, वहीं कई अन्य गैर दूरसंचार प्लेटफॉर्म और स्वतंत्र ऐप्स में ये सुरक्षा उपाय नहीं होते। इन माध्यमों का शातिर और संगठित धोखेबाजों द्वारा बढ़ते स्तर पर दुरुपयोग किया जा रहा है और ये वित्तीय धोखाधड़ी तथा अवांछित स्पैम के साधन बन गये हैं। यह साझेदारी उसे कमी को दूर करती है।
गूगल के आरसीएस प्लेटफॉर्म के माध्यम से दूरसंचार समर्थित व्यावसायिक पहचान जांच का उपयोग करके मैसेज भेजने वाले की पहचान की पुष्टि संभव हो सकेगी। संदेशों को प्रचार और लेनदेन श्रेणियों में बांटकर, उसी के अनुसार प्रतिबंध लागू किया जायेगा और उपयोगकर्ताओं की “डू नॉट डिस्टर्ब” प्राथमिकताओं का सम्मान किया जायेगा।
स्पैम वाले व्यावसायिक संदेशों को ग्राहकों के उपकरणों तक पहुंचने से रोका जायेगा।
कई स्तर वाली सुरक्षा जांच के जरिये हानिकारक डोमेन की पहचान कर उन्हें फिल्टर किया जा सकेगा।
जिन मैसेज भेजने वालों को गूगल और एयरटेल के एआई स्पैम फिल्टर ने दोनों ने संयुक्त रूप से संदिग्ध माना है, उनके संदेशों पर नियंत्रण लगाकर उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जायेगी।
