
इंदौर. मंगलवार को हाईकोर्ट ने शहर के यातायात को लेकर कहा कि सड़क पर कहीं काम दिख नहीं रहा है. यातायात जाम सहित गलत नंबर प्लेट, बिना नंबर, वाहन नज़र आ रहे हैं. हूटर, सायरन हाईकोर्ट के सामने ही बज रहे है. आखिर शहर के यातायात पर गंभीरता से कब काम होगा?
शहर के बदहाल यातायात को लेकर आज हाईकोर्ट ने विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई हुई. जस्टिस संजीव भट्ट और जस्टिस गजेंद्र सिंह की डबल बेंच ने सुनवाई के दौरान अधिकारियों से कहा कि आपकी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है. गलत नंबर प्लेट, बिना नंबर वाहन दिखाई दे रहे है. शहर के सभी इंट्री वाली सड़कों पर यातायात पुलिस तैनात नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश है कि भारी वाहनों का दिन में प्रवेश प्रतिबंधित है. इसका पालन क्यों नहीं किया जा रहा है. हाईकोर्ट के सामने ही हूटर और सायरन बजते हुए वाहन गुज़रते देखे हैं. शहर में कितनी जगह कैमरे लगे और कितने यातायात पुलिस जवान तैनात है? इसकी जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई, अभी तक. इस पर अधिकारियों ने बताया कि 660 कैमरे लगे है और इतने ही जवान तैनात हैं.
हाईकोर्ट में शहर के बदहाल यातायात को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागड़िया ने राजलक्ष्मी फाउंडेशन, वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष यादव और आनस मकरानी सहित कई याचिकाएं लगी हुई है. हाईकोर्ट ने आज सुनवाई उक्त मामले में अधिकारियों को जमीन पर काम करने और व्यवस्था दुरुस्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए है. अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी.
