कुरवाई: नगर परिषद की सामान्य सभा बैठक में विकास कार्यों, कर निर्धारण, स्वच्छता व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई. बैठक में जहां कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुए, वहीं कुछ मुद्दों पर कांग्रेस पार्षदों सहित विपक्ष ने तीखा विरोध दर्ज कराया.बैठक में एक देश-एक चुनाव विषय पर लाए गए प्रस्ताव का कांग्रेस पार्षदों ने विरोध किया, इसके बावजूद प्रस्ताव पारित कर दिया गया. वहीं जीएसटी प्रस्ताव सर्वसम्मति से मंजूर हुआ. लोकल फॉर वोकल प्रस्ताव को भी सभा की स्वीकृति मिली. जल कर बढ़ाने के प्रस्ताव पर परिषद ने राहत देते हुए जल कर न बढ़ाने का निर्णय लिया. अवैध नल कनेक्शन पकड़े जाने पर 2000 रुपये जुर्माना और शेष राशि किस्तों में जमा कराने का निर्णय लिया गया.
परिषद को बताया गया कि संपत्ति कर के अंतर्गत लगभग 2200 कनेक्शन हैं. विकसित नगरीय क्षेत्रों में विकास शुल्क आवासीय के लिए 5 रुपये प्रति वर्गफुट और व्यावसायिक के लिए 10 रुपये प्रति वर्गफुट तय किया गया. टेंटों की दर निर्धारण और पुराने भुगतान को लेकर बैठक में तीखी बहस हुई. पार्षद इलियास मोहम्मद इलू ने लंबित भुगतान पर आपत्ति जताई, जिस पर विधायक हरि सिंह सप्रे ने अधिकारियों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.विधायक सप्रे ने स्पष्ट किया कि नामांतरण में किसी तरह का भेदभाव नहीं होगा और पार्षद की टीप के बिना नामांतरण नहीं किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि नगर परिषद छोटे विकास कार्य स्वयं करेगी और सीएमओ पार्षदों के साथ वार्डों में जाकर स्वच्छता को लेकर नागरिकों को जागरूक करेंगे. विशेष निधि के लिए मुख्यमंत्री व नगरीय विकास मंत्री से चर्चा का भरोसा भी दिया.बैठक में सफाई व्यवस्था, खराब वाहनों, गड्ढों, कर्मचारियों के वेतन और बिलों को लेकर भी सवाल उठे. उपाध्यक्ष इरफान काजी, पार्षद अभिषेक सप्रे, हस्रुद्दीन खान और जफर शेख सहित कई पार्षदों ने अलग-अलग मुद्दे उठाए। अंत में शहर के गड्ढों को लेकर पार्षदों ने ज्ञापन सौंपा. बैठक में सहमति और नोकझोंक-दोनों ही दृश्य देखने को मिले.
