
इंदौर. देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में करीब 30 मामले सामने आए. इनमें लगभग 20 मामले ऐसे विद्यार्थियों के थे, जिन्होंने एमबीए में प्रवेश की अंतिम तिथि नजदीक होने के कारण गोपनीय परिणाम जारी करने का अनुरोध किया.
परीक्षा नियंत्रक आशीष तिवारी ने बताया कि बीकॉम तृतीय वर्ष का परिणाम एक-दो दिन में जारी कर दिया जाएगा, जबकि बीए और बीएससी तृतीय वर्ष के परिणाम में कुछ समय लग सकता है. ऐसे विद्यार्थियों को फिलहाल गोपनीय परिणाम उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि कुछ विद्यार्थी पुनर्मूल्यांकन के परिणाम से संतुष्ट नहीं होने पर आरटीआई के तहत उत्तरपुस्तिका लेकर दोबारा जांच की मांग कर रहे हैं. विश्वविद्यालय की व्यवस्था के अनुसार उत्तरपुस्तिका को तीसरे परीक्षक से जांच कराया जा सकता है, लेकिन इसके लिए प्रमाणित पाठ्यपुस्तक प्रस्तुत करना जरूरी है.
तिवारी के अनुसार कई विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक के बजाय ‘कुंजी’ या गाइड लेकर पहुंच रहे हैं. ऐसी सामग्री के आधार पर उत्तरपुस्तिका की दोबारा जांच नहीं कराई जाएगी. विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे आईएसबीएन नंबर वाली प्रमाणित पाठ्यपुस्तकों से ही अध्ययन करें.
उन्होंने बताया कि अब तक आरटीआई के तहत करीब 600 से 700 उत्तरपुस्तिकाएं विद्यार्थियों को दिखाई या उपलब्ध कराई गई हैं. इनमें से केवल 8 से 10 मामलों में अंक बदले हैं. इनमें भी बदलाव इतना नहीं हुआ कि विद्यार्थी उत्तीर्ण हो जाएं. विश्वविद्यालय का कहना है कि इससे संकेत मिलता है कि मूल मूल्यांकन और पुनर्मूल्यांकन में अधिकांश उत्तरपुस्तिकाओं की जांच उचित तरीके से हुई है. परीक्षा नियंत्रक ने कॉलेज प्राचार्यों से भी विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों से पढ़ने के लिए प्रेरित करने और कुंजी आधारित अध्ययन को हतोत्साहित करने की अपील की है.
