खतरा बनते ही करेंगे कार्रवाई… ईरान ने किया अमेरिका-इजराइल के खिलाफ रणनीति का ऐलान

तेहरान, अमेरिका-इजराइल के साथ जारी युद्ध के बीच अब ईरान ने अपनी सैन्य रणनीति में बड़ा बदलाव किया है और चेतावनी दी है कि वह खतरा पैदा होने से पहले ही पहले जवाबी कार्रवाई करेगा।

अमेरिका और इजराइल के साथ जारी संघर्ष के बीच ईरान ने अपनी रक्षा नीति में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। ईरानी रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, अब देश किसी संभावित हमले का इंतजार करने के बजाय खतरा पैदा होने से पहले ही जवाबी सैन्य कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। इस नई रणनीति के तहत ईरान ने अपनी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं और आधुनिक रक्षा प्रणालियों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों के सैन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मोहसिन रेजाई ने बताई नई सैन्य रणनीति
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख मोहसिन रेजाई ने सरकारी टेलीविजन पर देश की नई रक्षा रणनीति को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए संभावित खतरे के सामने निष्क्रिय रहने के बजाय पहले से कार्रवाई करने की क्षमता विकसित कर रहा है।

रेजाई के अनुसार, ईरान ने अपनी बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियों को पहले की तुलना में अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरानी सेना ने अपनी नई मिसाइल क्षमता का एक अमेरिकी युद्धपोत के खिलाफ सफल परीक्षण किया है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि परीक्षण कासेम बसीर मिसाइल से किया गया था या किसी अन्य प्रणाली से।

कासेम बसीर मिसाइल कितनी ताकतवर?
ईरान की सरकारी जानकारी के मुताबिक, कासेम बसीर (Qasem Basir) एक आधुनिक ठोस ईंधन वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। इसके बारे में दावा किया गया है कि यह पिछले संस्करणों की तुलना में अधिक सटीक और प्रभावी है।

बताया गया है कि मिसाइल में करीब 500 किलोग्राम वजन का वारहेड ले जाने की क्षमता है। इसे पिछले वर्ष पेश किया गया था और उस समय इसकी मारक क्षमता कम से कम 1200 किलोमीटर बताई गई थी। ईरान के अनुसार, इसकी क्षमता क्षेत्र में मौजूद महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने में उपयोगी हो सकती है।

अमेरिकी युद्धपोतों पर मिसाइल हमले का दावा
अमेरिका ने शनिवार को दावा किया कि ईरानी सेना ने लाल सागर में तैनात उसके युद्धपोतों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। इसके बाद अमेरिकी सेना की ओर से ईरान से जुड़े तीन तेल टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई।

पिछले कुछ दिनों में ईरान की ओर से अमेरिका और इजराइल के खिलाफ बयानबाजी भी अधिक आक्रामक हुई है। ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम लंबे समय से वाशिंगटन और तेल अवीव के लिए चिंता का विषय रहा है और इसी वजह से क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ा है।

होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ा तनाव
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के बाहर एक प्रवेश निषिद्ध क्षेत्र बनाने की योजना की भी घोषणा की है। रेजाई के अनुसार, इस क्षेत्र के जरिए संवेदनशील जलमार्ग से गुजरने वाले संदिग्ध जहाजों की निगरानी की जाएगी।

वहीं, व्हाइट हाउस ने ईरान की इस योजना को खारिज करते हुए दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नौसेना का नियंत्रण है। अमेरिका ने यह भी कहा कि उसके बलों ने जलमार्ग में मौजूद समुद्री बारूदी सुरंगों को साफ कर दिया है।

इसके बाद गैर-ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकरों की आवाजाही बढ़ाने की योजना बताई गई है, जबकि ईरानी बंदरगाहों पर दबाव बनाए रखने की रणनीति जारी रहने की बात कही गई है। इससे सैन्य तनाव के साथ वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी असर पड़ने की आशंका है।

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