भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस ने पुलिस, विधिक संस्थाओं, नागरिक समाज और सामुदायिक संगठनों के बीच समन्वय को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को राज्य स्तरीय सम्मेलन ‘संबल: न्याय तक पहुंच, सामाजिक कार्य एवं सामुदायिक पुलिसिंग साझेदारी’ आयोजित किया।
एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) एवं सामुदायिक पुलिसिंग शाखा द्वारा भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम को संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) का सहयोग प्राप्त था।
सीआईडी के विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग को पुलिस व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाते हुए पुलिस और गैर-सरकारी संगठनों के बीच स्थायी संस्थागत समन्वय तंत्र विकसित करने की आवश्यकता है।
सम्मेलन में 75 से अधिक गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों, पुलिस अधिकारियों, जिला पुलिस प्रमुखों, बाल संरक्षण अधिकारियों, विधिक सेवा प्रतिनिधियों, अभियोजकों, शासकीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया।
सामुदायिक पुलिसिंग के डीआईजी डॉ. विनीत कपूर ने बताया कि प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं तथा करीब 93 गैर-सरकारी संगठनों, ग्राम एवं नगर रक्षा समितियों, सामुदायिक सुरक्षा स्वयंसेवकों और विशेष किशोर पुलिस इकाइयों को इस पहल से जोड़ा जा रहा है।
सम्मेलन में महिलाओं, बच्चों, अपराध पीड़ितों और कमजोर वर्गों को कानूनी सहायता, पुनर्वास, मनोसामाजिक सहयोग तथा विभिन्न एजेंसियों के बेहतर समन्वय के माध्यम से प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने सुलभ न्याय, पीड़ित सहायता, सामुदायिक सुरक्षा और पुलिस के प्रति जनविश्वास मजबूत करने के लिए साझा कार्ययोजना तैयार करने पर भी विचार-विमर्श किया।
