ढाका, 08 सितंबर (वार्ता) बंगलादेश में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर से मंगलवार को शिष्टाचार मुलाकात की।
इस दौरान राष्ट्रपति ने बातचीत के जरिए भारत के साथ बकाया मुद्दों के त्वरित समाधान का आह्वान किया। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित इस बैठक में दोनों देशों की जनता के हित के लिए अधिक करीबी सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
गत 21 अगस्त को बंगलादेश के 23वें राष्ट्रपति बने श्री आलमगीर ने श्री त्रिवेदी से कहा कि उनका देश भारत के साथ संबंधों को विशेष महत्व देता है। उन्होंने भारत को बंगलादेश का सबसे करीबी पड़ोसी और एक महत्वपूर्ण व्यापारिक एवं विकास साझेदार बताया।
बंगभवन (राष्ट्रपति भवन) के अधिकारियों ने बताया कि श्री त्रिवेदी नये राष्ट्रपति से मिलने वाले पहले विदेशी राजनयिक थे।
सोशल मीडिया पोस्ट में भारतीय उच्चायोग ने कहा कि उच्चायुक्त त्रिवेदी ने राष्ट्रपति आलमगीर को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और बंगभवन की जनता की सेवा में उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
भारतीय मिशन ने कहा, “बातचीत के दौरान साझा इतिहास, गहरे सांस्कृतिक संबंधों और जन-जन के मजबूत रिश्तों पर टिके भारत-बंगलादेश के घनिष्ठ संबंधों का जिक्र किया गया।” मिशन ने कहा कि दोनों पक्षों ने दोनों देशों के पारस्परिक लाभ के लिए साझेदारी को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस के अनुसार राष्ट्रपति ने कहा कि यदि निष्पक्ष और परस्पर स्वीकार्य समाधानों के माध्यम से आपसी हित के मुद्दों को हल किया जाता है तो बंगलादेश और भारत की जनता के बीच विश्वास तथा भरोसा और अधिक बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपनी जनता की क्षमताओं और संभावनाओं का बेहतर उपयोग कर साझा शांति, विकास और समृद्धि की दिशा में अधिक मिलकर काम कर सकते हैं।
श्री आलमगीर ने यह भी कहा कि बंगलादेश संप्रभु समानता, राष्ट्रीय हितों, गरिमा और अपनी जनता के कल्याण की रक्षा करते हुए भारत के साथ सम्मानजनक, दूरदर्शी और परस्पर लाभदायक संबंध चाहता है। उन्होंने कहा, “दोनों देशों के बीच व्यापार, जल संसाधन प्रबंधन, प्रौद्योगिकी, संपर्क, संस्कृति और जन-जन के संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का और विस्तार करने की अपार संभावनाएं हैं।”
श्री त्रिवेदी ने आशा व्यक्त की कि भारत-बंगलादेश मिलकर काम करना जारी रखेंगे तथा अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में राष्ट्रपति से सहयोग मांगा।
श्री आलमगीर ने भारतीय राजनयिक को सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जतायी कि उनके कार्यकाल के दौरान द्विपक्षीय संबंध अधिक फलदायी, सकारात्मक और जनता पर केंद्रित बनेंगे।
बैठक के बाद राष्ट्रपति के प्रेस सचिव मोहम्मद सरवर आलम ने कहा कि श्री आलमगीर ने भारत से गंगा और तीस्ता सहित साझी नदियों के पानी का उचित हिस्सा बंगलादेश को मिलना सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया।
प्रवक्ता के अनुसार भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि भारत सरकार इस मुद्दे पर सकारात्मक कदम उठा रही है और बंगलादेश के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देती है। उन्होंने सम्मान, विश्वास और साझेदारी के आधार पर आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।
श्री त्रिवेदी ने बाद में बंगलादेश के नौवहन, रेलवे, सड़क परिवहन और पुल मंत्री शेख रबीउल आलम से मुलाकात की। इस दौरान सड़क, राजमार्ग और रेलवे राज्य मंत्री हबीबुर रशीद भी उपस्थित थे। वार्ता में रेलवे, नौवहन, संपर्क और द्विपक्षीय विकास परियोजनाएं शामिल रहीं। भारतीय मिशन ने बताया कि दोनों पक्षों ने “आर्थिक जुड़ाव और जन-जन के करीबी संबंधों को बढ़ावा देने वाले प्रमुख साधन के रूप में भारत-बंगलादेश के बीच संपर्क मजबूत करने को अहम बताया।”
ये बैठकें ऐसे समय में हो रही हैं, जब बंगलादेश-भारत अपने संबंधों को फिर से बनाने और मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। अगस्त 2024 में पूर्व अवामी लीग सरकार के तख्तापलट के बाद भारत पहुंची पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को राजनीतिक शरण देने के भारत के फैसले और बंगलादेश में कट्टरपंथ तथा भारत-विरोधी एवं पाकिस्तान-समर्थक बयानबाजी के बढ़ने से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आ गया था। हाल के हफ़्तों में श्री त्रिवेदी ने द्विपक्षीय जुड़ाव को गहरा करने के प्रयासों के तहत प्रधानमंत्री तारिक रहमान सहित बंगलादेश के कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं के साथ बैठकें की हैं।