
रतलाम। कलेक्टर अजय कटेसरिया का नाम और प्रोफाइल फोटो देखकर यदि वाट्सऐप पर कोई संदेश मिले तो उसे कलेक्टर का संदेश मानने की भूल भारी पड़ सकती है। साइबर अपराधियों ने कलेक्टर की पहचान का इस्तेमाल कर एक विदेशी मोबाइल नंबर से अधिकारियों-कर्मचारियों और अन्य लोगों को संदेश भेजना शुरू किया है। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित नंबर को कलेक्टर का अधिकृत नंबर नहीं बताते हुए लोगों को सतर्क किया है। जिस नंबर से संदेश भेजे जा रहे हैं, वह +639615402077 है। प्रशासन के अनुसार यह कलेक्टर का अधिकृत मोबाइल नंबर नहीं है। आशंका है कि कलेक्टर के नाम और फोटो का भरोसा पैदा करने के लिए इस्तेमाल कर साइबर ठग आगे पैसों की मांग या किसी अन्य तरह की धोखाधड़ी का प्रयास कर सकते हैं।
साइबर ठगों ने कलेक्टर के नाम और प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की है कि सामने वाले को संदेश वास्तविक लगे। यही इस ठगी का सबसे बड़ा खतरा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल नाम और फोटो देखकर किसी संदेश को सही नहीं माना जाए।
कलेक्टर अजय कटेसरिया ने आम नागरिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि उनके नाम, पद या फोटो का उपयोग कर किसी अनधिकृत नंबर से संदेश मिले तो उस पर प्रतिक्रिया नहीं दें। विशेष रूप से पैसों की मांग होने पर किसी भी खाते, यूपीआई या अन्य डिजिटल माध्यम से राशि जमा नहीं करें।
पैसे मांगे जाएं तो पहले पुष्टि, फिर कोई कार्रवाई: कलेक्टर या किसी वरिष्ठ अधिकारी के नाम से अचानक पैसे भेजने, बैंक खाते में राशि जमा करने या किसी डिजिटल माध्यम से भुगतान करने का संदेश आए तो तुरंत भुगतान नहीं करें। पहले संबंधित अधिकारी से अधिकृत माध्यम से पुष्टि करें। संदिग्ध संदेश पर प्रतिक्रिया नहीं दें और अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।
कलेक्टर की फोटो देखकर न करें भरोसा
साइबर ठगी में अब केवल फर्जी नाम या अनजान संदेश ही खतरा नहीं हैं। ठग प्रतिष्ठित अधिकारियों की वास्तविक फोटो लगाकर भी पहचान का भ्रम पैदा कर सकते हैं। ऐसे में संदेश भेजने वाले नंबर की जांच करना जरूरी है। नाम और फोटो सही दिखाई देने के बावजूद नंबर अनधिकृत हो सकता है।
