
भोपाल। मध्यप्रदेश में वर्ष 2018 में शुरू हुई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया आठ वर्ष बाद भी पूरी नहीं हो सकी है, जिससे हजारों पात्र अभ्यर्थी नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। शिक्षक भर्ती संगठन के अनुसार फरवरी 2019 में शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें करीब ढाई लाख अभ्यर्थी सफल हुए थे।
कोविड काल के दौरान प्रक्रिया प्रभावित होने के बाद अक्टूबर 2021 में भर्ती प्रक्रिया फिर शुरू हुई, लेकिन एक दिसंबर 2022 को हुई पहली काउंसलिंग के बाद हजारों पद बैकलॉग घोषित कर दिए गए।
संगठन के प्रदेशाध्यक्ष श्यामलाल रविदास ने आरोप लगाया कि आरक्षित वर्ग के पात्र मेरिटधारी अभ्यर्थी उपलब्ध होने के बावजूद उच्च माध्यमिक शिक्षक के 5,935 और माध्यमिक शिक्षक के 2,237 पद रोक दिए गए।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान नियमों में बदलाव से नियुक्तियां प्रभावित हुईं और अनेक अभ्यर्थी अब अधिकतम आयु सीमा के करीब पहुंच गए हैं। रविदास ने मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से हस्तक्षेप कर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने की मांग की है।
