अक्टूबर-दिसंबर के बीच कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रहे नियोक्ता: रिपोर्ट

नयी दिल्ली, 08 सितंबर (वार्ता) कैलेंडर वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के दौरान नियोक्ता कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। मैनपावरग्रुप के नवीनतम रोजगार आउटलुक सर्वे में 3,055 नियोक्ताओं के बीच कराये गये सर्वेक्षण में यह बात सामने आयी है। चौथी तिमाही के लिए यह सर्वेक्षण 01 से 31 जुलाई के दौरान किया गया। सर्वे के अनुसार, तिमाही के लिए नेट एम्प्लॉयमेंट आउटलुक (एनईओ) 54 प्रतिशत रहा। यह पिछली तिमाही की तुलना में छह प्रतिशत अंक और पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 11 प्रतिशत अंक अधिक है। सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में 65 प्रतिशत नियोक्ता अक्टूबर से दिसंबर के बीच अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। वहीं, 11 प्रतिशत नियोक्ताओं को कर्मचारियों की संख्या में कमी की उम्मीद है। अन्य 24 प्रतिशत नियोक्ताओं का अनुमान है कि उनके कर्मचारियों की संख्या में कोई बदलाव नहीं होगा।

जिन कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की बात कही है, उन्होंने इसके पीछे प्रमुख वजह विस्तार को बताया है। दूसरी तरफ कर्मचारियों की संख्या घटाने वाली कंपनियों ने ऑटोमेशन/टेक्नोलॉजी और आर्थिक चुनौतियां को प्रमुख कारण बताया है। मैनपावरग्रुप ने कहा है कि मुख्य आंकड़ों के पीछे एक ऐसे कार्यबल की तस्वीर सामने आती है जो तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है। कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाने वाले नियोक्ताओं में से 69 प्रतिशत ने बदलती भूमिकाओं और कौशल आवश्यकताओं को भर्ती का कारण बताया। इसमें नये क्षेत्रों में विस्तार और तेजी से विकसित हो रही तकनीक के कारण आवश्यक नयी विशेषज्ञताएं भी शामिल हैं।

मैनपावरग्रुप में भारत और पश्चिम एशिया के प्रबंध निदेशक संदीप गुलाटी ने कहा, “साल 2026 की चौथी तिमाही में प्रवेश के साथ भारत में नियोक्ताओं का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। नेट एम्प्लॉयमेंट आउटलुक 54 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो पिछली तिमाही से छह अंक और पिछले वर्ष की समान अवधि से 11 अंक अधिक है। इससे भारत वैश्विक स्तर पर दूसरे बाजारों की तुलना में मजबूती से आगे बना हुआ है और वैश्विक औसत से 25 अंक ऊपर है।”

उन्होंने कहा कि इस वृद्धि की प्रकृति विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। नियोक्ता केवल कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ा रहे हैं, बल्कि अपने कार्यबल के स्वरूप पर भी पुनर्विचार कर रहे हैं। लगभग 70 प्रतिशत नियोक्ता बदलती भूमिकाओं और कौशल की जरूरतों के अनुरूप भर्ती कर रहे हैं। वैश्विक क्षमता केंद्रों के लगातार विस्तार के साथ-साथ वित्त एवं बीमा और आतिथ्य जैसे क्षेत्रों में मजबूत वृद्धि से प्रतिभाशाली कर्मचारियों की मांग बनी हुई है। श्री गुलाटी ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया भी तेज हो रही है। सर्वेक्षण में भाग लेने वाले 57 प्रतिशत नियोक्ताओं ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता एआई के इस्तेमाल से एक साल पहले की तुलना में उनकी भर्ती प्रक्रिया तेज हुई है। हालांकि, सही कौशल वाले उम्मीदवारों की उपलब्धता अब भी एक बड़ी चुनौती है।

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