
नयी दिल्ली, 08 सितंबर (वार्ता) दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने युवाओं से कहा है कि वे राजनीति को दूर से न देखें, आगे आएँ, इसमें भाग लें और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। श्री गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा के युवा संपर्क कार्यक्रम के अंतर्गत दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए कहा “राजनीति को दूर से न देखें; आगे आएँ, इसमें भाग लें और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।” लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए श्री गुप्ता ने विद्यार्थियों से केवल राजनीति और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के दर्शक बने रहने के बजाय सार्वजनिक जीवन, सुशासन और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान देने का आह्वान किया।
राजधानी कॉलेज, श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज, लॉ सेंटर और शिवाजी कॉलेज के विद्यार्थियों ने युवा संपर्क कार्यक्रम के अंतर्गत दिल्ली विधानसभा का भ्रमण किया और विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता के साथ संसदीय कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक भागीदारी तथा सदन की कार्यवाही के सुचारु संचालन में विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका सहित विभिन्न विषयों पर संवाद किया। सदन की कार्यवाही में अधिक पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए किए गए उपायों की जानकारी देते हुए श्री गुप्ता ने विधानसभा सदन में लगे डिस्प्ले स्क्रीन पर समय प्रदर्शित करने वाली टाइमर व्यवस्था का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक सदस्य को दिए गए बोलने के समय को स्क्रीन पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाता है, जिससे सदस्यों को अपने लिए निर्धारित समय की जानकारी रहती है और सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित एवं समयबद्ध ढंग से संचालित करने में भी सहायता मिलती है। विद्यार्थियों ने दिल्ली विधानसभा के ऐतिहासिक परिसर का भ्रमण किया तथा इसकी समृद्ध स्थापत्य एवं संस्थागत विरासत के बारे में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों को इस भवन के तत्कालीन केंद्रीय विधान सभा से जुड़े ऐतिहासिक संबंधों तथा इससे जुड़ी महत्वपूर्ण संसदीय विभूतियों और ऐतिहासिक घटनाओं के बारे में भी अवगत कराया गया।
विद्यार्थियों को विधानसभा की स्मारिका कॉफी टेबल बुक “एक शताब्दी यात्रा” से भी परिचित कराया गया, जिसमें विधानसभा की ऐतिहासिक यात्रा और समृद्ध विरासत को संजोया गया है। विद्यार्थियों ने मुख्य विधानसभा सदन का भी भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने उस स्थान को प्रत्यक्ष रूप से देखा, जहाँ सदन की विधायी बहसें और कार्यवाही संचालित होती हैं तथा उन्हें सदन के कामकाज को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला। श्री गुप्ता ने उन्हें लोकतांत्रिक संस्थाओं से निरंतर जुड़े रहने और जनहित के विषयों की एक जागरूक एवं सूचित समझ विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक जीवन में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा अपने ज्ञान, विचारों और ऊर्जा के माध्यम से लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
