
शुजालपुर, क्षेत्र में तीसरे दिन भी रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा. पिछले दो दिनों में शुजालपुर तहसील में चार इंच से अधिक बारिश हो चुकी है. 5 सितंबर तक शुजालपुर में कुल 740 मिमी यानी करीब 29.1 इंच बारिश दर्ज की गई है. यह तहसील की सामान्य वार्षिक बारिश 981.7 मिमी की तुलना में करीब 9.5 इंच कम है. वहीं लगातार बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है. मौसम में ठंडक घुलने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है. लगातार बारिश के चलते शुजालपुर क्षेत्र में बहने वाली जमधड़ नदी दूसरे दिन भी अच्छी धारा के साथ बहती रही. वहीं नेवज नदी में भी लगातार जलस्तर बढ़ रहा है. अनुविभाग के विभिन्न तालाबों में पानी की अच्छी आवक होने लगी है. वहीं निचली बस्तियों जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने वाले क्षेत्रों में बारिश का पानी परेशानी का कारण बन रहा है.
जिले में 633.8 मिमी औसत बारिश
कलेक्टर कार्यालय भू संसाधन प्रबंधन की 5 सितंबर की वर्षा रिपोर्ट के अनुसार जिले में 1 जून से 5 सितंबर तक कुल 633.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है. शुजालपुर में 740 मिमी, शाजापुर में 560 मिमी, मो. बड़ोदिया में 786 मिमी, कालापीपल में 694 मिमी, गुलाना में 650 मिमी, पोलायकलां में 517 मिमी तथा अ. बड़ोदिया में 488 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जिले की सामान्य वार्षिक वर्षा 987.7 मिमी है.
गोविंद नगर में जलभराव से परेशानी
सिटी मंडी मार्ग पर शासकीय महाविद्यालय के पीछे स्थित गोविंद नगर के रहवासी पिछले दो दिनों से जलभराव के कारण परेशान है, यहां करीब 50 परिवार निवासरत हैं, जिन्हें मुख्य मार्ग से कॉलोनी तक आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. रहवासी अशोक परमार ने बताया कि यहां बने मकान नगर पालिका की अनुमति एवं अन्य प्रक्रिया के बाद निर्मित हुए है. भूमि का डायवर्शन भी वर्ष 2013 में हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद कॉलोनी में अभी तक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं. मुख्य मार्ग से कॉलोनी तक पहुंचने वाले रास्ते पर घुटनों तक पानी जमा है. पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से घरों के आसपास भी पानी जमा हो गया है. बच्चों को स्कूल पहुंचाने में परेशानी हो रही है, वहीं अन्य लोगों को भी आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. रहवासियों ने नगर पालिका से बारिश के पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था करने के साथ ही कॉलोनी तक सडक़ निर्माण कराने की मांग की है.
