
नीमच। ग्वालटोली शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उत्साह के रंग में रंगी नजर आई। यहां स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर पर चंद्रवंशी ग्वाला समाज द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव हर्षोल्लास और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया। दिनभर धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की धूम रही।
महोत्सव की शुरुआत सुबह करीब 9 बजे विशाल वाहन रैली से हुई। रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए पुन: श्री राधाकृष्ण मंदिर पहुंची। इसके बाद दोपहर 1 बजे भव्य चल समारोह निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में समाजजन और श्रद्धालु शामिल हुए।
चल समारोह में राधा-कृष्ण और बालाजी की आकर्षक झांकियां, घोड़े, बैंड-बाजे, डीजे और ढोल-ढमाकों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। रथ पर सजे लड्डू गोपाल और सांवरिया सेठ की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
प्रतिभाओं का किया सम्मान
शाम 4 बजे ग्वालटोली, नीमच सिटी, छावनी, कनावटी और बघाना क्षेत्र की खेल एवं शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं के सम्मान के लिए समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान प्रतिभाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कथा और भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल
रात 8 बजे भागवत कथा वाचक पंडित चंद्रदेव वशिष्ठ ने भागवत कथा एवं भजनों की प्रस्तुति दी। कथा और भजनों के माध्यम से श्रद्धालु देर रात तक भक्तिरस में डूबे रहे।
इसके बाद मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर मंदिर में महाआरती की गई और भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया। श्रीकृष्ण जन्म के साथ ही मंदिर परिसर नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद श्रद्धालुओं को खीर की प्रसादी वितरित की गई।
शनिवार को कथा की पूर्णाहुति और भजन संध्या
जन्माष्टमी महोत्सव की कड़ी में शनिवार सुबह 9 बजे भागवत कथा की पूर्णाहुति होगी। वहीं रात 8 बजे श्री राधाकृष्ण ग्रुप द्वारा भजन संध्या आयोजित की जाएगी। इसमें जयपुर की भजन गायिका सुरभि चतुर्वेदी और भोपाल के विपिन नामदेव भजनों की प्रस्तुति देंगे।
ग्वालटोली में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान पूरे दिन धार्मिक आस्था, भक्ति, उल्लास और सामाजिक एकजुटता का माहौल बना रहा।
