वेतन न मिलने से ब्यावरा के शिक्षकों की बढ़ी मुसीबतें: किस्तें हुईं ओवरड्यू, सिबिल स्कोर और टैक्स का सता रहा डर

ब्यावरा: मार्च माह की समाप्ति होने को है और आज दिनांक तक ब्यावरा विकासखंड में पदस्थ प्राथमिक शिक्षकों का वेतन नहीं मिल पाया है. वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों को काफी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.विदित है कि फरवरी माह का वेतन मार्च माह में मिलना था जो कि 27 मार्च तक भी वेतन नहीं आया है. जिले की अन्य तहसीलों में मार्च माह के शुरुआत में ही शिक्षकों को वेतन मिल चुका है. परन्तु ब्यावरा विकासखंड के प्राथमिक शिक्षकों को वेतन नहीं मिलना विडंबना है. विभाग द्वारा इसके पीछे बजट का नहीं होना बताया जा रहा है.
शादी ब्याह के सीजन में अधिक खर्च
विचारणीय प्रश्न यह है कि यदि यहां के प्राथमिक शिक्षकों का बजट नहीं आया तो फिर जिले की अन्य तहसीलों में बजट कैसे आ गया. जबकि वर्तमान में विवाह समारोह, धार्मिक त्यौहार, आयोजन हो रहे है. जिसमें खर्च और अधिक बढ़ जाता है. ऐसे में आर्थिक रुप से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
कहीं इनकम टेक्स की गणना में न जुड़ जाये
जानकारी के अनुसार मार्च माह समाप्ति पर है और अभी तक वेतन नहीं आया है. यदि अप्रैल माह में वेतन आता है तो अगले वित्तीय वर्ष में इनकम टेक्स की गणना में यह जुड़ेगा. जिससे शिक्षकों को कहीं अधिक आर्थिक हानि भी हो सकती है.
किश्ते ओव्हर डयू हुई
जानकारी के अनुसार पर्सनल लोन एवं गृह ऋण आदि अनेक किश्ते ओव्हर ड्यू हो गई है एवं सिविल पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ रहा है. प्राथमिक शिक्षकों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. इसको लेकर ब्यावरा में प्राथमिक शिक्षकों द्वारा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को आावेदन देते हुए जल्द ही वेतन भुगतान की मांग की थी. वेतन नहीं आने के पीछे विभाग द्वारा बजट नहीं आना बताया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार यह भी बात सामने आ रही है कि समय पर बिल नहीं लगाने के चलते यह परिस्थिति निर्मित हुई है.
इस संबंध में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी का कहना है कि बजट के अभाव में विकासखंड में पदस्थ प्राथमिक शिक्षकों का वेतन अटका हुआ है. सोमवार तक वेतन आने की पूरी संभावना है.

Next Post

भारत के रणनीतिक तेल भंडार पर कैग (CAG) की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता, वर्तमान स्टॉक केवल पांच दिनों की खपत के लिए पर्याप्त, सरकार ने दिया ईंधन की उपलब्धता का भरोसा

Sat Mar 28 , 2026
नई दिल्ली | भारत के रणनीतिक तेल भंडार (Strategic Petroleum Reserves) को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की 2025 की ऑडिट रिपोर्ट ने एक गंभीर स्थिति पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के पास मौजूद आपातकालीन कच्चा तेल भंडार वर्तमान खपत के हिसाब से केवल पांच दिनों की […]

You May Like