सुनील गोयल
ग्वालियर। ग्वालियर की जर्जर सड़कों की निर्माण गुणवत्ता अब सिर्फ आंखों से नहीं, तकनीकी जांच से परखी जाएगी। शहर की बदहाल सड़कों की निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल अब तकनीकी जांच की निर्णायक कसौटी तक पहुंच गए हैं। हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद रविवार को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच तीन प्रमुख मार्गों की हाईटेक डिजिटल स्कैनिंग पूरी की गई। अब 3 और 6 सितंबर को कोर कटिंग और सैंपलिंग होगी। नेटवर्क सर्वे व्हीकल से सड़क की परतों से लिए गए नमूनों की जांच से यह सामने आएगा कि निर्माण में निर्धारित मानकों और सामग्री का कितना पालन हुआ। चेतकपुरी, झांसी रोड सहित जिन सड़कों के निर्माण के कुछ ही महीनों बाद जर्जर होने पर सवाल उठे हैं, उनकी गुणवत्ता की यह जांच अब पूरे मामले की तस्वीर साफ करेगी।
सीनियर एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर द्वारा दायर जनहित याचिका में चेतकपुरी, माधव नगर, झांसी रोड और बेटी बचाओ चौराहे सहित कई सड़कों के निर्माण के कुछ ही महीनों में खराब होने का मुद्दा उठाया गया था।हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय संयुक्त जांच टीम ने रविवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मैदानी कार्रवाई की। वकीलों के कमीशन और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच संबंधित मार्गों पर बैरिकेडिंग कर हाई-टेक कैमरों से डिजिटल स्कैनिंग की। इस दौरान तीन प्रमुख रूट विक्की फैक्ट्री से झांसी रोड तक, चेतकपुरी से सिंधिया महल गेट ततक और चेतकपुरी से एजी ऑफिस पुल तक की जांच की गई।
3 और 6 सितंबर को होगी सैंपलिंग
डिजिटल स्कैनिंग के आधार पर चिन्हित स्थानों से आगामी 3 और 6 सितंबर को कोर कटिंग कर सड़क के भौतिक सैंपल लिए जाएंगे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सैंपलिंग स्थल की जानकारी कार्रवाई शुरू होने से महज 30 मिनट पहले सार्वजनिक की जाएगी। इससे संबंधित ठेकेदार या एजेंसी को पहले से मरम्मत अथवा लीपापोती का अवसर नहीं मिलेगा। लिए गए सैंपलों को परीक्षण के लिए केंद्रीय परीक्षण प्रयोगशाला, मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग, ग्वालियर भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि इससे पहले 19 अगस्त को गुढ़ी-गुढ़ा का नाका और बेटी बचाओ चौराहा क्षेत्र से भी सैंपल लिए जा चुके हैं। इनकी लैब रिपोर्ट जल्द न्यायालय के समक्ष पेश की जाएगी। हाईकोर्ट की निगरानी में चल रही जांच से सड़क निर्माण से जुड़े विभागों और एजेंसियों में खलबली मची हुई है।
