वॉशिंगटन, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने होर्मुज स्ट्रेट में तीन कमर्शियल जहाजों पर हुए ईरानी हमलों के जवाब में ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में निर्दोष नागरिकों की जान जोखिम में डालने और कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाने के लिए एक ‘भारी कीमत’ वसूलने के उद्देश्य से की गई है। ईरानी मीडिया ने इस दौरान दक्षिणी ईरान के सिरिक और केशम बंदरगाहों के पास कई भीषण धमाके सुने जाने की पुष्टि की है।
तेल बिक्री पर प्रतिबंध और कूटनीतिक तनाव
सैन्य कार्रवाई के साथ ही अमेरिका ने ईरान को क्रूड ऑयल और संबंधित उत्पादों के उत्पादन व बिक्री के लिए दी गई अस्थायी छूट को भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय द्वारा जून में जारी उस लाइसेंस को कैंसिल कर दिया गया, जो 21 अगस्त तक प्रभावी था। इस कदम ने तेहरान की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव बढ़ा दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण कूटनीतिक स्थिति और अधिक जटिल हो गई है।
समझौते के उल्लंघन का आरोप
ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए इसे 18 जून को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) के अनुच्छेद 10 का घोर उल्लंघन करार दिया है। ईरान ने अमेरिकी प्रशासन पर भरोसे की कमी का आरोप लगाते हुए कहा है कि यह कदम उनकी बुरी नीयत को दर्शाता है। साथ ही, तेहरान ने वॉशिंगटन पर लेबनान के संदर्भ में भी समझौतों के नियमों को बार-बार तोड़ने का आरोप लगाया है, जिससे युद्ध समाधान की बातचीत पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं।

