सीधी के विकास की लाईफ लाईन बनेगी ललितपुर -सिगंरौली रेलवे लाईन

सीधी :सीधी जिले के विकास की लाईफ लाईन मानी जाने वाली बहुप्रतीक्षित ललितपुर -सिगंरौली रेल परियोजना के तहत रीवा-सिंगरौली नवीन रेल लाईन के कार्य में अब तेजी परिलक्षित होने लगी है। रीवा-सिंगरौली के मध्य 11 रेलवे स्टेशन का कार्य होना है। जिसमेंं पांच रेलवे स्टेशनों का कार्य पूर्ण होने पर यहां ट्रेन आने का सफल ट्रायल भी हो चुका है। शेष आधा दर्जन रेलवे स्टेशनों का कार्य होने वाला है।

सीधी जिले में आधा दर्जन रेलवे स्टेशनों का निर्माण होना था जिसमें तीन का हो चुका है। मिली जानकारी के अनुसार 11 रेलवे स्टेशनों में दो रेलवे स्टेशन रीवा जिले में , 6 सीधी तथा 3 सिंगरौली जिले में हैं। रीवा जिले में रेलवे स्टेशन सिलपरा एवं गोविंदगढ़ का कार्य सबसे पहले पूर्ण हुआ। वहीं सीधी जिले में बघवार, रामपुर नैकिन, चुरहट रेलवे स्टेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है। जिला मुख्यालय सीधी के नौढिया में रेलवे स्टेशन का कार्य सबसे पहले शुरू हुआ था। यहां के रेलवे स्टेशन का कार्य करीब 75 फीसदी हो चुका है। रीवा-सिंगरौली नवीन रेलवे लाईन में सबसे कम दूरी का रेलवे स्टेशन रीवा जिले में है।

यहां सिलपरा एवं गोविंदगढ़ रेलवे स्टेशन के बीच महज 9.65 किलोमीटर की दूरी ही है। सबसे ज्यादा दूरी के रेलवे स्टेशन सीधी जिले के बहरी और सिंगरौली जिले के रेलवे स्टेशन देवसर के बीच होगी। इन दोनो रेलवे स्टेशनों के बीच की दूरी 25.5 किलोमीटर होगी। दरअसल रीवा-सीधी के बीच रेलवे लाईन का निर्माण कार्य सबसे पहले गोविंदगढ़ रेलवे स्टेशन तक पूर्ण किया गया। बाद में बजट के अभाव के चलते सालों रेलवे ट्रैक का कार्य बंद रहा। मजबूरी में तत्कालीन संविदाकार द्वारा कार्य भी छोंड़ दिया गया। तत्कालीन सीधी सांसद गोविंद मिश्रा के प्रयासों से सालों से ठप्प इस परियोजना को दो खंडों में विभक्त कर दिया गया। रीवा-सिंगरौली नवीन रेल लाइन के लिए अलग से बजट आवंटित हुआ और निर्माण कार्य की शुरुआत हुई। तत्कालीन सीधी सांसद रीती पाठक द्वारा इस रेल परियोजना के लिए पर्याप्त बजट का आवंटन कराने के साथ ही काम में तेजी दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

541 किमी है ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन

ललितपुर-सिंगरौली रेल लाईन के सपने में सीधी जिले में भू-अधिग्रहण का रोड़ा कई वर्षों तक बना रहा। बहुप्रतीक्षित रेलवे लाईन को केन्द्र सरकार से पर्याप्त बजट मिलने के बाद तत्कालीन सीधी सांसद रीती पाठक के प्रयासों से बंद पड़े कार्य की शुरुआत हुई। विंध्य क्षेत्र और बुंदेलखण्ड को जोडने के लिये 541 किलोमीटर लम्बी ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाईन परियोजना को 1997 में मंजूरी दी गई थी। करीब 925 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना के तहत सीधी जिले में भी 2001 में भूमि अधिग्रहण शुरू किया गया जो दो दशक बाद भी चलती रही।

चार सुरंगोंं से गुजर कर सीधी पहुंचेगी रेलगाड़ी

रीवा-सिंगरौली रेलवे प्रोजेक्ट का कार्य पूरा होने के बाद सीधी से रीवा के बीच रेलगाडियों को 4 सुरंगों के अंदर से गुजरना होगा। प्रदेश सबसे लम्बी सुरंग बघवार में छुहिया घाटी की है। जिसका निर्माण पूरा हो चुका है। 3.34 किलोमीटर की यह सुरंग कई मायनों में खास है। इसके अलावा जिला मुख्यालय सीधी के समीपी ग्राम अमरवाह में 320 मीटर लम्बी रेलवे सुरंग का निर्माण कार्य भी पूरा हो चुका है। कुर्रवाह गांव के नजदीक स्थित घाटी में 458 मीटर लम्बी सुरंग का निर्माण किया गया है। वहीं चौथे टनल का निर्माण ग्राम चिलरी में हुआ है। इस सुरंग की चौड़ाई 7 मीटर है।

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