रक्षाबंधन शुभ पर्व आया
बारिश रिमझिम मौसम लाया
सावन- भादो संग हर्षाया।।
सावन सुहाना मास आया।
रक्षाबन्धन शुभ पर्व आया।।
श्रावन की धमक आते ही,
बाबुल केअंगनवा सजते।
घर में सिवईं फेनी बनती ,
घेवरों की खुशबू महकती।
पेड़ों सजते झूले -पटरी ,
उपवन में बहार दर्शाया।
सावन सुहाना माह आया,
रक्षाबंधन शुभ पर्व आया ।।
सावन के पाक महीने में ,
हरियाली तीजें हर्षाती।
बालाएं मेहंदी रचाती,
हरी चूड़ी हाथ खनकाती।
हरे वसन में झूला झूलें,
मल्हार का मौसम सजाया ।।
सावन सुहाना माह आया ,
रक्षाबंधन शुभ पर्व आया।।
श्रावण की पूर्णिमा दिवस को
श्रवण की पूजा सब करते
बहन भाई के राखी बांँधे
माथे पर मंगल टीका करे
भाई रक्षा का वचन देते,
बहन भाई का पर्व मनाया ।
सावन सुहाना माह आया ।
रक्षाबंधन शुभ पर्व आया
आशा जाकड़

