
विशाखापत्तनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित ‘निपुण’ भारत की रक्षा जहाज निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। विभिन्न उपकरणों से लैस किये जाने और परीक्षण पूरे होने के बाद इस पोत को गत 30 जुलाई को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया था। निपुण एक विशेष उद्देश्य से निर्मित पोत है, जिसे विभिन्न प्रकार के गोताखोरी और पानी के भीतर किए जाने वाले अभियानों में सहायता प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह पोत आधुनिक गोताखोरी प्रणालियों और पानी के भीतर हस्तक्षेप संबंधी क्षमताओं से सुसज्जित है, जिससे समुद्र में कठिन परिस्थितियों में कार्यरत गोताखोरों को निरंतर सहायता प्रदान की जा सकेगी। इससे नौसेना के पनडुब्बी बचाव अभियानों में सहायता करने की क्षमता भी बढेगी।
इस पोत में नौवहन और पोत प्रबंधन के लिए आधुनिक प्रणालियाँ लगाई गई हैं। साथ ही इसमें चिकित्सा सहायता के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। ये क्षमता निपुण को समुद्र की सतह के नीचे जटिल अभियानों के लिए एकीकृत मंच के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाती हैं। निपुण को नौसेना में शामिल किए जाने से भारत के समुद्री हित वाले क्षेत्रों में विशेष रूप से गोताखोरी और पानी के भीतर चलाये जाने वाले अभियानों को संचालित करने की नौसेना की क्षमता और मजबूत होगी। स्वदेशी रूप से निर्मित पोत को नौसेना में शामिल किया जाना देश के जहाज निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र की बढ़ती क्षमता को भी दर्शाता है, जो नौसेना की परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी रूप से उन्नत पोतों का निर्माण करने में सक्षम है।
