कर विवाद निपटान की भारत-जापान की परस्पर सहमति प्रक्रिया को ओईसीडी पुरस्कार

नयी दिल्ली, 01 नवंबर (वार्ता) आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) ने भारत और जापान को कंपनियों की बहुराष्ट्रीय विनिर्माण श्रृंखला में कीमतों के अंतरण ( ट्रांसफर प्राइसिंग) संबंधी मामलों के समाधान की परस्पर सहमति की प्रक्रिया (एमएपी) के अच्छे नतीजों लिए 2024 का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार प्रदान किया है।

अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौते (एपीए) में सर्वश्रेष्ठ द्विपक्षीय सहयोग और अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौतों (एपीए) के लिए ओईसीडी के कर प्रशासन मंच का यह पुरस्कार देशों को अंतराष्ट्रीय कर विवादों को पारस्परिक रूप से हल करने के श्रेष्ठ कार्यों का बहुपक्षीय स्तार पर सम्मान है। ओईसीडी ने भारत और जापान के ट्रांसफर प्राइसिंग प्राधिकरणों द्वारा पारस्परिक समझौता प्रक्रिया (एमएपी) के तहत प्राप्त की गयी उल्लेखनीय उपलब्धियों के सम्मान में दी गई है।

ओईसीडी के कर प्रशासन मंच ने कहा है कि 2024 के दौरान, भारत और जापान ने बहुराष्ट्रीय उद्यमों से जुड़े कई मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया, और उन्हें औसतन 17 महीने से भी कम समय में पूरा किया, जो सक्षम प्राधिकारियों के बीच नियमित बातचीत, निर्णायक नेतृत्व और पारस्परिक विश्वास के वातावरण में की गई पारदर्शी बातचीत का प्रमाण है।

पारस्परिक समझौता प्रक्रिया भारत के दोहरे कराधान से बचने के समझौतों के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण तंत्र है, जिसका उद्देश्य बहुराष्ट्रीय उद्यमों से जुड़े सीमा-पार कर विवादों का समाधान करना है। अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौते कार्यक्रम के साथ मिल कर यह प्रक्रिया अंतर्राष्ट्रीय करों के मामले में भरोसा बढ़ाने और सीमा-पार निवेश को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। परस्पर सहमति की प्रक्रिया के जरिए दो देशों के सक्षम प्राधिकरण किसी विवाद के संबंध में द्विपक्षीय चर्चा करके सहमति पर पहुंचते हैं। इससे मुकदमेबाजी में खर्च होने वाले लम्बे समय और संसाधनों से बचा जा सकता है।

वित्त मंत्रालय के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत के सक्षम प्राधिकरण ने एमएपी प्रक्रिया के तहत न केवल जापान बल्कि अन्य विकसित और विशाल देशों के साथ कुल 119 आवेदनों का सफलता पूर्वक निपटान किया जो कर प्रशासन में समग्र रूप से भरोसा बढ़ाने वाला है।

ओईसीडी ने भी भारत के एपीए कार्यक्रम को अपने विश्लेषण में शामिल देशों में तीसरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला कार्यक्रम बताया है। हाल के वर्षों में, एपीए बंद करने की गति में लगातार सुधार हुआ है।

 

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