
भोपाल। राजधानी भोपाल में इस वर्ष शराब दुकानों के बेस प्राइज में औसतन 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी ने नीलामी प्रक्रिया को चर्चा का विषय बना दिया है। जहां सरकार ने राजस्व लक्ष्य को महत्वाकांक्षी बनाया है, वहीं अन्य शहरों से आए संभावित बोलीदाता भोपाल के रेट को लेकर असहज नजर आ रहे हैं।
आबकारी विभाग ने भोपाल की 87 दुकानों को 20 समूहों में बांटकर नीलामी प्रक्रिया शुरू की। पहले चरण में 29 दुकानों पर अपेक्षित प्रतिस्पर्धा नहीं दिखी। विभाग ने संकेत दिए हैं कि इन्हें 5 मार्च को दूसरे चरण में फिर से नीलामी के लिए रखा जाएगा।
ग्वालियर से आए एक संभावित बोलीदाता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि भोपाल में जिस कीमत पर दुकानें ऑफर की जा रही हैं, उस स्तर पर मुनाफा निकालना कठिन है। उनका कहना है कि अन्य शहरों की तुलना में राजधानी में बेस प्राइज ज्यादा रखा गया है, जबकि संचालन खर्च, लाइसेंस शुल्क और प्रतिस्पर्धा भी अधिक है।
पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने लक्ष्य से 11 प्रतिशत अधिक, करीब 1193 करोड़ रुपये की कमाई की थी। इस बार न्यूनतम 1432 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की वास्तविक प्राप्ति से काफी अधिक है।
अब नजर 5 मार्च की दोबारा नीलामी पर टिकी है। देखना होगा कि क्या बाहरी और स्थानीय बोलीदाता नए सिरे से दिलचस्पी दिखाते हैं या सरकार को बेस प्राइज पर पुनर्विचार करना पड़ता है।
