
नयी दिल्ली, 17 जून (वार्ता) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विभिन्न औद्योगिक गलियारों की परियोजनाओं के अंतर्गत आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (एनआईसीडीसी) के नेतृत्व वाले औद्योगिक नोड्स
(केंद्रों) के विकास की प्रगति का आकलन किया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार श्री गोयल ने गुंटूर में तंबाकू बोर्ड के मुख्यायल पर हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में चेन्नई-बेंगलुरु औद्योगिक गलियारे (सीबीआईसी) के अंतर्गत कृष्णापटनम औद्योगिक क्षेत्र, हैदराबाद-बेंगलुरु औद्योगिक गलियारे (एचबीआईसी) के अंतर्गत ओर्वाकल औद्योगिक क्षेत्र और विशाखापत्तनम-चेन्नई औद्योगिक गलियारे (वीसीआईसी) के अंतर्गत कोप्पर्थी औद्योगिक क्षेत्र के विकास के कामों की समीक्षा की।
आंध्र प्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जहां तीन अलग-अलग अंतरराज्यीय औद्योगिक गलियारों के तहत औद्योगिक नोड विकसित किये जा रहे हैं। इनमें कृष्णापटनम नोड का विविकास 2,006 एकड़ क्षेत्र में किया जा रहा है, जहां लगभग 10,500 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है। इस नोड में एक लाख नौकरियों के अवसर मिलने का अनुमान है।
इसी तरह राज्य में ओरवाकल नोड (2,621 एकड़) में 12,000 करोड़ रुपये का निवेश होने और लगभग 45,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
राज्य में तीसरा औद्योगिक नोड कोप्पार्थी नोड (2,596 एकड़) है, जिसमें लगभग 8,800 करोड़ रुपये का निवेश अनुमानित है, और इसमें 54,000 व्यक्तियों को रोजगार मिल सकता है।
विज्ञप्ति के अनुसार रविवार को आयोजित समीक्षा बैठक में श्री गोयल ने अधिकारियों को प्रत्येक औद्योगिक नोड के भीतर नवाचार-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करके प्रमुख निवेशकों और स्टार्टअप को आकर्षित करने पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया। उन्होंने शुरुआती चरण के उद्यमों को पोषित करने और एक मजबूत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र की सुविधा प्रदान करने के लिए समर्पित इनक्यूबेटर स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
मंत्री ने अधिकारियों को एमएसएमई और स्टार्टअप के लिए प्रत्येक नोड के भीतर जोन निर्धारित करने, रियायती दरों की पेशकश करने और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे और तकनीकी सहायता से लैस करने का भी निर्देश दिया।
बैठक में सांसद (गुंटूर) डॉ चंद्रशेखर पेम्मासानी, ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री, टी.जी. भरत, आंध्र प्रदेश सरकार के उद्योग और वाणिज्य मंत्री, डॉ. एन. युवराज, आंध्र प्रदेश सरकार के उद्योग सचिव रजत कुमार सैनी और एनआईसीडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक अभिषेक किशोर और केंद्र, राज्य सरकार और निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे ।
