
नीमच। पुरानी कृषि मंडी में बुधवार को मूंगफली के दामों को लेकर उठा विवाद अब नवीन चंगेरा मंडी तक पहुँच गया है। गुरुवार को मक्का की नीलामी में व्यापारियों ने विरोधस्वरूप शुरुआत में बोली ही नहीं लगाई, जिससे मंडी परिसर में हंगामा और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
किसानों का आरोप है कि पहले मक्का को 1470 प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा था, लेकिन अब जब मक्का सुख गई है, व्यापारी केवल 1438 का ही भाव दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि व्यापारी अपनी मनमर्जी से रेट तय कर रहे हैं और प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है। बाद में प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद नीलामी प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई।
स्थिति बिगड़ते देख एसडीएम संजीव साहू, तहसीलदार अजेंद्रनाथ प्रजापत और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों और व्यापारियों दोनों से चर्चा कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की।
मूंगफली विवाद की पृष्ठभूमि
बुधवार को पुरानी कृषि मंडी में मूंगफली के गिरते दामों को लेकर विवाद हुआ था। किसानों के विरोध के चलते मंडी कुछ घंटों तक बंद रही। व्यापारियों का कहना था कि उनके साथ असभ्य व्यवहार और मारपीट की गई। इसी के विरोध में उन्होंने गुरुवार को चंगेरा मंडी में मक्का की नीलामी में भाग नहीं लिया। बाद में प्रशासन की अपील पर आधे दिन बाद मंडी का संचालन फिर शुरू हुआ। व्यापारी संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक मूंगफली विवाद में कथित हमलावर किसानों पर कार्रवाई नहीं होती, नया माल खरीदा नहीं जाएगा।
लहसुन मंडी में भी किसानों का विरोध
इधर, लहसुन मंडी में भी किसानों ने नीलामी प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दोनों गेट बंद कर दिए। लगभग 30 मिनट तक मंडी में जाम जैसे हालात बन गए। किसानों का कहना था कि नीलामी पंक्तिबद्ध तरीके से नहीं की जा रही है और व्यापारी मनमाने ढंग से बोली लगा रहे हैं। बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप से गेट खोले गए और मंडी में कामकाज दोबारा शुरू हुआ।
