
रीवा, रीवा जिले के रायपुर कर्चुलियान ब्लाक के ग्राम अटरा पंचायत उलही कला निवासी व एयरफोर्स से रिटायर्ड सैनिक मुनीष दुबे का कैंसर की बीमारी के कारण दिल्ली में दुखद निधन हो गया. उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली से प्रयागराज लाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया.
परिवारिक सदस्यों के मुताबिक दिवंगत मुनीष दुबे का कोई पुत्र नहीं है, उनकी तीन बेटियां हैं. अंतिम संस्कार के समय जब समाज की पुरानी परंपराओं के अनुसार उनके छोटे भाई अरुण दुबे मुखाग्नि देने के लिए तैयार थे, तब बड़ी बेटी डिंपल दुबे ने आगे आकर पिता को मुखाग्नि देने का फैसला किया. वहां मौजूद कई लोगों ने रूढि़वादी मान्यताओं का हवाला देकर डिंपल को मना करने का प्रयास किया, लेकिन बेटी अपने फैसले पर अडिग रही. डिंपल ने भावुक होते हुए कहा मैं भी अपने पिता की संतान हूँ और मुझे अपना फर्ज निभाने का पूरा हक है’ समाज की परवाह किए बिना बेटी ने नम आंखों से पिता को मुखाग्नि दी. अंतिम संस्कार में उनके परिजन सहित चारों बहनें और बहुएं उपस्थित रहीं. सभी ने नम आंखों से देश के सेवानिवृत्त सैनिक को अंतिम विदाई दी.
