छिंदवाड़ा: जिला अस्पताल के सीएनसी (NICU) वार्ड में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात दर्दनाक हादसा हो गया। नवजात शिशुओं को गर्म रखने के लिए लगाए गए वॉर्मर की हीटिंग यूनिट में स्पार्किंग के बाद अचानक आग लग गई। हादसे में वॉर्मर में रखे तीन नवजात गंभीर रूप से झुलस गए। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान एक नवजात की मौत हो गई।
जन्म के चार घंटे बाद आग की चपेट में आई बच्ची
जानकारी के अनुसार मोहगांव खापा बिहारी चांद निवासी शिवानी आदित्य वर्मा (24) ने रात करीब 10 बजे बच्ची को जन्म दिया था। जन्म के बाद बच्ची को सामान्य तापमान बनाए रखने के लिए वॉर्मर में रखा गया था। करीब चार घंटे बाद रात 2 बजे वॉर्मर की हीटिंग यूनिट के फिलामेंट में स्पार्किंग हुई और आग भड़क उठी। आग की चपेट में आने से बच्ची सहित तीन नवजात झुलस गए।
अस्पताल में मची अफरा-तफरी
आग लगते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। चिकित्सकों और स्टाफ ने तत्काल वॉर्मर से बच्चों को बाहर निकाला और उपचार शुरू किया। हालत गंभीर होने पर तीनों नवजातों को जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। बच्चों को दो डॉक्टरों की निगरानी में जबलपुर रेफर किया गया था।
“वॉर्मर की हीटिंग यूनिट के फिलामेंट में अचानक स्पार्किंग हुई, जिसके बाद आग लगी। हादसे में तीन नवजात झुलसे हैं, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए जबलपुर रेफर किया गया।”
— कंचन दुबे, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल छिंदवाड़ा
परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
एक नवजात की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का सवाल है कि जब वार्ड में नवजातों की गहन देखभाल की जा रही थी, तब सुरक्षा व्यवस्था कितनी मुस्तैद थी। उन्होंने अस्पताल में सुरक्षा इंतजामों की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
बॉक्स : हादसे ने खड़े किए सवाल
वॉर्मर की नियमित जांच और रखरखाव हुआ था या नहीं?
हीटिंग यूनिट में स्पार्किंग की वजह क्या थी?
आग लगते ही सुरक्षा उपकरणों ने काम किया या नहीं?
NICU में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम थे?
हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
परिवार की खुशियां मातम में बदलीं
बच्ची के जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन कुछ ही घंटों में हुए हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। अब इस घटना ने जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और नवजातों की देखरेख से जुड़े इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
