लातेहार, झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत कोमर गांव में रविवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया, जहां लगभग 15 जंगली हाथियों का झुंड भोजन की तलाश में पहुंचा था। ग्रामीणों के खेतों में मकई की फसल को बचाने के लिए कथित तौर पर अवैध रूप से लगाए गए खतरनाक बिजली के नंगे तार की चपेट में आने से एक हाथी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वन विभाग के ट्रैकर्स के अनुसार, घटना के समय हाथियों की तेज चिंघाड़ने की आवाजें सुनाई दे रही थीं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि इस करंट की चपेट में आने से कुछ अन्य हाथी भी घायल हुए हैं।
वन विभाग की टीम मौके पर सक्रिय, हाथी के शव के पोस्टमार्टम की तैयारी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय वन विभाग की टीम और फॉरेस्ट रेंज अधिकारी नंद कुमार मेहता तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी है। वन विभाग मृत हाथी के पोस्टमार्टम के लिए एक विशेष मेडिकल टीम का गठन कर रहा है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक रूप से खुलासा हो सके। इसके साथ ही लातेहार के डीएफओ प्रवेश अग्रवाल ने बताया कि इस गैर-कानूनी गतिविधि में शामिल दोषियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मानव-वन्यजीव संघर्ष और खेतों में अवैध फेंसिंग पर स्थानीय लोगों का आक्रोश
इस वीभत्स घटना के बाद वन समिति के अध्यक्ष सुनील उरांव और स्थानीय ग्रामीणों ने खेतों में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर इस तरह के घातक बिजली के तार खींचने वालों के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और वन विभाग की लाख मनाही के बावजूद किसान अपनी फसलों की सुरक्षा के नाम पर जानलेवा हथकंडे अपना रहे हैं, जो न केवल वन्यजीवों के लिए बल्कि इंसानों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहे हैं। फिलहाल पुलिस और वन विभाग मिलकर इस बात की जांच कर रहे हैं कि खेत में यह अवैध वायरिंग किसने की थी।

