दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला पुरानी इमारत के भरभराकर ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया, जिसमें एक की मौत और कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है

नई दिल्ली,  राजधानी दिल्ली के साउथ कैंपस थाना क्षेत्र के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक बहुमंजिला पीजी (PG) इमारत ताश के पत्तों की तरह अचानक ढह गई। हादसे के वक्त वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शी कृष्ण भारद्वाज ने रोंगटे खड़े कर देने वाले मंजर को बयां करते हुए बताया कि देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग जमींदोज हो गई और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 40-50 साल पुरानी इस इमारत के बेसमेंट में मरम्मत या निर्माण कार्य चल रहा था और बारिश के कारण वहां पानी भर गया था, जिसके चलते यह भीषण हादसा हुआ।

मलबे में फंसे छात्रों को बचाने के लिए एनडीआरएफ और स्थानीय लोगों का राहत अभियान

घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें, पुलिस और दमकल विभाग के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और चौबीसों घंटे चलने वाला युद्धस्तर पर राहत व बचाव अभियान शुरू किया। एनडीआरएफ के अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल पर विशेष टीमों को तैनात किया गया है ताकि मलबे में फंसे अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। बचाए गए घायलों को तुरंत एम्स (AIIMS) ट्रामा सेंटर पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि की है, जबकि कई अन्य घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।

बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे बेसमेंट के निर्माण कार्य पर उठे गंभीर सवाल

इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों और छात्र संगठनों ने आवासीय इलाकों में सक्रिय अवैध पीजी माफिया और मनमाने निर्माण कार्यों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। नेताओं और चश्मदीदों का आरोप है कि बिना पिलर वाली पुरानी इमारतों के बेसमेंट में इस तरह के बिना सोचे-समझे काम कराए जा रहे हैं, जो मासूम छात्रों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया है।

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