मुंबई, चिरंजीवी ने एक पॉडकास्ट में अपनी पहली क्रश का दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि कॉलेज के दिनों में उन्हें अपनी बायोलॉजी टीचर पसंद थीं, जो उनकी पढ़ाई की तारीफ करती थीं।
साउथ सिनेमा के मेगास्टार चिरंजीवी का जन्म 22 अगस्त 1955 को आंध्र प्रदेश में हुआ था। चिरंजीवी आज अपना 71वां जन्मदिन मना रहे हैं। चिरंजीवी ने अपने लंबे फिल्मी करियर में एक से बढ़कर एक यादगार किरदार निभाए हैं। पर्दे पर उनका एक्शन, डांस और दमदार अंदाज आज भी फैंस के बीच लोकप्रिय है। हालांकि, फिल्मों में आने से पहले चिरंजीवी भी बिल्कुल आम युवाओं की तरह कॉलेज लाइफ और अपनी पसंद-नापसंद को लेकर भावुक हुआ करते थे। उनकी जिंदगी से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा उनकी पहली क्रश को लेकर है।
चिरंजीवी ने एक पॉडकास्ट में अपनी पहली क्रश के बारे में बात करते हुए कॉलेज के दिनों को याद किया था। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें बायोलॉजी विषय में काफी दिलचस्पी थी। इसी दौरान उन्हें अपनी बायोलॉजी टीचर पसंद आने लगी थीं। अभिनेता के मुताबिक, उनकी टीचर उनकी पढ़ाई की तारीफ किया करती थीं। उनकी यही तारीफ चिरंजीवी को अच्छी लगती थी और धीरे-धीरे उनके मन में टीचर के लिए आकर्षण पैदा हो गया।
न लव लेटर लिखा, न कह पाए दिल की बात
चिरंजीवी ने बताया था कि उन्होंने अपनी टीचर को कभी यह नहीं बताया कि वह उन्हें पसंद करते हैं। यहां तक कि उन्होंने उन्हें कोई लव लेटर भी नहीं लिखा। उस दौर में पढ़ाई के साथ-साथ उनका झुकाव नाटक और अभिनय की तरफ भी था। आज करोड़ों फैंस के दिलों पर राज करने वाले चिरंजीवी के लिए यह किस्सा इसलिए भी खास है, क्योंकि इसमें उनका एक बेहद मासूम और निजी पक्ष देखने को मिलता है।
कैदी ने बदल दिया करियर
चिरंजीवी का असली नाम कोनिडेला शिवशंकर वरप्रसाद है। उन्होंने 1978 में फिल्म ‘प्रणाम खरीदू’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। हालांकि, उनकी फिल्म ‘पुनाधिरल्लू’ पहले बनी थी, लेकिन वह बाद में रिलीज हुई। शुरुआती दौर में उन्होंने हीरो के साथ-साथ एंटी-हीरो और निगेटिव भूमिकाएं भी निभाईं। साल 1983 में आई ‘कैदी’ की सफलता ने उन्हें तेलुगु सिनेमा के बड़े सितारों की कतार में पहुंचा दिया।
पद्म विभूषण से हो चुके हैं सम्मानित
इसके बाद चिरंजीवी ने रुद्रवीणा, गैंग लीडर, घराना मोगुडु, इंद्रा, टैगोर और शंकर दादा एमबीबीएस जैसी फिल्मों से अपनी पहचान मजबूत की। लंबे ब्रेक के बाद उन्होंने 2017 में कैदी नंबर 150 से वापसी की। इसके बाद वह सई रा नरसिम्हा रेड्डी, गॉडफादर और वॉल्टेयर वीरय्या जैसी फिल्मों में नजर आए। साल 2024 में उन्हें देश के प्रतिष्ठित पद्म विभूषण सम्मान से नवाजा गया।
