सतना : नागौद राजपरिवार से संबंधित उचेहरा की परसमनियां गढ़ी में एक ऐसी घटना सामने आई जिसके चलते जिले से लेकर राज्य भर में खलबली मच गई. पारिवारिक विवाद ने कुछ इस कदर रक्तरंजित रुप ले लिया कि राजघराने की बहू को गोली लग गई. गंभीर तौर पर घायल बहू का उपचार रीवा के एक निजी हास्पिटल में जारी है. वहीं पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना में प्रयुक्त हथियार को जब्त करने के साथ ही आरोपी महिला को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है.प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व मंत्री एवं जिले के नागौद विधासभा क्षेत्र के विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे रुपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा उचेहरा क्षेत्र में स्थित परसमनियां गढ़ी में रहते हैं.
बताया गया कि 26 वर्ष पूर्व रुपेंद्र का विवाह उदयपुर घराने की योगिता के साथ हुआ था. दोनों का एक पुत्र भी है जो 25 वर्ष का हो चुका है और हाल ही में अपनी पढ़ाई पूरी कर वापस लौटा है. इसी कड़ी में यह भी बताया गया कि रुपेंद्र और योगिता के बीच पिछले काफी समय से अनबन चल रही थी. इसी विवाद की वजह से श्रीमती योगिता ने परसमनियां गढ़ी छोड़ दी और नागौद स्थित किले में निवास करने लगीं. लंबे समय से चले आ रहे विवाद को देखते हुए समाधान कराने के लिए श्रीमती योगिता के माता-पिता व भाई सहित अन्य परिजन उदयपुर से सतना पहुंचे.
जहां से नागौद होते हुए वे श्रीमती योगिता के साथ परसमनियां गढ़ी पहुंचे. योगिता की मां नारेंद्र कुमारी के अनुसार जैसे ही सभी लोगों ने परसमनियां गढ़ी में प्रवेश करने की कोशिश की वैसे ही दामाद रुपेंद्र बाहर आ गए और अंदर मौजूद महिला सुनीता परिहार ने दरवाजा बंद कर लिया. रुपेंद्र बाहर बैठ गए और अंदर मौजूद सुनीता से कहा कि मारो-मारो. यह सुनते ही अंदर मौजूद सुनीता से खिडक़ी से फायर करना शुरु कर दिया.
बताया गया कि सुनीता ने कुल 9 फयार किए जिसमें से चौथी बार चलाई गई गोली सीधे योगिता के पेट में जा लगी. यह देखते ही हडक़ंप मच गया और आनन-फानन में योगिता को उपचार के लिए सतना ले आया गया. जहां पर उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रारंभिक उपचार के बाद रीवा रेफर कर दिया गया. जिसके चलते रीवा के एक निजी हास्पिटल में भर्ती कर उनका उपचार जारी है. बताया गया कि गुरुवार को देर रात ऑपरेशन के बाद योगिता के पेट में लगी गोली निकाल दी गई और अगले दिन सुबह के लगभग 10 बजे उन्हें होश आ गया.
कठघरे में पुलिसिया कार्यशैली
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रमलाल कुर्वे ने जानकारी देते हुए बताया कि रुपेंद्र की पत्नी श्रीमती योगिता को .22 बोर की राइफल से गोली मारी गई थी. पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी राइफल को जब्त कर लिया है. इसी कड़ी में धारा 108 बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज करते हुए आरोपी महिला सुनीता सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया. इस मामले में फिलहासल अनुसंधान जारी है. लेकिन वहीं दूसरी ओर जब श्रीमती योगिता की मां के बयान में रुपेंद्र द्वारा मारने के लिए कहने की बात का हवाला देते हुए प्रश्र किया गया तो जिम्मेदार बचते नजर आने लगे. इतना ही नहीं बल्कि इस मामले में उचेहरा थाने की पुलिस द्वारा आरोपी महिला को दिया गया वीवीआईपी ट्रीटमेंट भी कहीं न कहीं पुलिसिया कार्यशैली की लाचारी बयां करता नजर आया. मामले का काबिलगौर पहलू यह भी रहा कि इतनी गंभीर घटना होने के बावजूद 24 घंटे से अधिक समय तक थाना प्रभारी ने चुप्पी साधे रखी. श्रीमती योगिता के परिजनों के जरिए यह जानकारी सामने आ सकी.
पहले भी हो चुका है विवाद
श्रीमती योगिता की मां के अनुसार सुनीता और रुपेंद्र के बीच निछले लगभग 8 वर्ष से संबंध हैं. सुनीता पहले सतना में रहती थी. लेकिन रुपेंद्र के पिता का निधन हो जाने के बाद जब योगिता उदयपुर चली गई तब से सुनीता परसमनियां में रहने लगी. इसके बाद से योगिता ने जब जब परसमनियां गढ़ी में लौटने का प्रयास किया तब तक सुनीता द्वारा उसके साथ मारपीट की गई. पिछले वर्ष तो योगिता को गिराकर उसका गला दबाने का प्रयास भी किया गया था. आलम यह रहा कि पिछले साल पुलिस की सुरक्षा में बमुश्किल प्रवेश मिल पाया था. इस मामले में रुपेंद्र द्वारा सुनीता का पूरा समर्थन किया जाता रहा. श्रीमती योगिता की मां का भी कहना है कि पुलिस ने दामाद को आरोपी नहीं बनाया. गौरतलब है कि श्रीमती योगिता परसमनियां की सरपंच भी रह चुकी हैं
