
सीधी। नगर चुरहट में बिना वैध दस्तावेज के कथित रूप से संचालित क्लीनिक एवं नर्सिंग होम का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारकर खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान मौके पर करीब एक दर्जन मरीज उपचाररत मिले। जांच में क्लीनिक संचालन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं मिले, वहीं मेडिकल स्टोर का लाइसेंस भी वर्ष 2025 में समाप्त हो चुका था। टीम ने मौके का पंचनामा तैयार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 अगस्त को सूचना के आधार पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चुरहट के मेडिकल अधिकारी डॉ. वरुण सिंह के नेतृत्व में टीम ने वार्ड क्रमांक 8 में संचालित क्लीनिक पर दबिश दी। टीम में नायब तहसीलदार हंसराज सिंह, पटवारी विनोद द्विवेदी एवं आरक्षक आनंद सिंह शामिल रहे। जांच के दौरान मौके पर 10 से 12 मरीज उपचाररत पाए गए तथा दवाइयों का भंडार भी मिला।
जांच में क्लीनिक अथवा नर्सिंग होम संचालन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। वहीं मेडिकल स्टोर का लाइसेंस वर्ष 2025 में ही समाप्त हो चुका था। मौके पर मेडिकल स्टोर का संचालन अविनाश दुबे पिता नंदन कुमार दुबे द्वारा किया जाना बताया गया। टीम ने मौके का पंचनामा तैयार किया। क्लीनिक भवन से आवागमन का रास्ता जुड़ा होने के कारण मौके को सील नहीं किया जा सका।
दर्जनभर मरीज मिले
छापेमारी के दौरान कथित क्लीनिक में करीब 10 से 12 मरीज उपचाररत मिले। मौके पर दवाइयों का स्टॉक भी पाया गया। टीम ने उपलब्ध दस्तावेजों और व्यवस्थाओं की जांच की।
जांच के दौरान मेडिकल स्टोर का लाइसेंस वर्ष 2025 में समाप्त होना पाया गया। इसके बावजूद मेडिकल स्टोर का संचालन किए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अवैध क्लीनिकों पर जारी रहेगी कार्रवाई
डॉ. वरुण सिंह, मेडिकल अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चुरहट ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम के साथ कार्रवाई की गई। मौके पर नर्सिंग होम संचालन, दवाइयों का स्टॉक और मरीज मिले। जांच में वैध दस्तावेज नहीं मिले तथा मेडिकल स्टोर का लाइसेंस भी समाप्त पाया गया। संबंधित के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में अवैध क्लीनिक एवं पैथोलॉजी संचालन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
