
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने हरदा के भगवती नर्सिंग होम में कथित अवैध गर्भपात के मामले में राज्य सरकार को स्वतंत्र जांच के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह पता लगाने को कहा है कि नर्सिंग होम प्रबंधन और डॉ. मनीष शर्मा की पूरे घटनाक्रम में क्या भूमिका थी। इसी मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पुनिया बाई और अर्जुन पटेल को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी। जस्टिस विवेक अग्रवाल व जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई की। रिकार्ड के अनुसार सात मार्च 2020 को भगवती नर्सिंग होम परिसर में भ्रूण मिला था। पुलिस जांच में नर्सिंग होम में कथित अवैध गर्भपात कराए जाने की जानकारी सामने आई। सिविल लाइन थाना पुलिस ने पुनिया बाई और अर्जुन पटेल को आरोपी बनाया। हरदा जिला एवं सत्र न्यायालय ने 26 फरवरी 2024 को दोनों को दोषी ठहराकर उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई। सुनवाई दौरान न्यायालय ने रिकार्ड देखकर कहा कि मामला केवल दोनों आरोपियों तक सीमित नहीं है।
उपलब्ध सामग्री के आधार पर यह मामला हत्या के बजाय अवैध गर्भपात से जुड़ा प्रतीत होता है। इसलिए नर्सिंग होम और डॉ. मनीष शर्मा की भूमिका की स्वतंत्र जांच जरूरी है। कोर्ट ने राज्य सरकार को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए दोनों आरोपियों को जमानत का लाभ दिया।
