
दमोह. कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने गुरुवार सुबह जिला अस्पताल के स्टोर रूम का निरीक्षण कर दवाओं की उपलब्धता,भंडारण व वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान दवा वितरण में गंभीर लापरवाही और स्टॉक प्रबंधन में कई विसंगतियां सामने आईं। कलेक्टर ने कहा शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही दवाइयां मरीजों को समय पर और निर्धारित मात्रा में उपलब्ध होना चाहिए,ताकि किसी भी मरीज को दवा बाजार से खरीदने के लिए मजबूर न होना पड़े।कलेक्टर श्री यादव ने बताया कि पूर्व में विभिन्न शासकीय अस्पतालों के निरीक्षण के दौरान यह सामने आया था कि कई आवश्यक दवाइयां अस्पतालों में उपलब्ध नहीं थीं।एक्सपायरी दवाइयां और बंद मिले सभी छह फ्रिज निरीक्षण में एक्सपायरी डेट की दवाइयां भी रखी मिलीं।कलेक्टर ने इसे गंभीर व आपत्तिजनक स्थिति बताया। उन्होंने पाया कि जिन दवाओं को निर्धारित तापमान पर फ्रीजर में रखा जाना आवश्यक है, वे फ्रीजर में तो रखी थीं,लेकिन सभी छह फ्रीजर बंद मिले।उन्होने सीएमएचओ को निर्देशित किया कि एक टीम गठित कर पूरे दवा स्टोर को व्यवस्थित कराया जाए, एक्सपायरी दवाओं को अलग किया जाए, फ्रीजर व तापमान व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए तथा इंडेंट प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर दवा जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा शासन की योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही दवाओं का पूरा लाभ आमजन और मरीजों को समय पर मिले,यही प्रशासन की प्राथमिकता है।सुशासन स्थापित करने के लिए इस प्रकार की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी और जवाबदेही तय की जाएगी।
21 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित,लापरवाही पर तीन दिवस का वेतन काटने के निर्देश
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने 20 अगस्त को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सार्थक पोर्टल पर अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की गई।इस दौरान पाया गया कि कई अधिकारी- कर्मचारियों द्वारा प्रातः 10.20 बजे तक पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं की गई थी।कलेक्टर श्री यादव ने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यालयों में अधिकारियों व कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति तथा अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन आवश्यक है।उन्होंने कहा कार्य में लापरवाही अथवा कार्यालयीन व्यवस्थाओं के प्रति उदासीनता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
*कलेक्टर के औचक निरीक्षण में खामियों पर फार्मासिस्ट सस्पेंड सस्पेंशन के आदेश के बाद बिगड़ी तबीयत, आईसीयू में भर्ती*
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव द्वारा गुरुवार अल सुबह जिला अस्पताल में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान पाई गई खामियों के चलते फार्मासिस्ट रमाकांत ऊमरे को सस्पेंड किए जाने के निर्देश दिए गए थे। सस्पेंशन की कार्रवाई के बाद फार्मासिस्ट रमाकांत ऊमरे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तत्काल जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल में मिली अन्य अनियमित ताओं पर भी सख्ती दिखाते हुए डाटा एंट्री ऑपरेटर नरेश अहिरवार को भी निलंबित किए जाने के निर्देश दिए हैं।कलेक्टर ने कहा कि शासकीय सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर औचक निरीक्षण किए जाएंगे।इस दौरान सीएमएचओ डॉक्टर राकेश राय,जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रीता चटर्जी, सिविल सर्जन डॉक्टर प्रहलाद पटेल के अलावा और भी ऑफिसर मौजूद रहे।
