कुएं व हैंडपंप का पानी पीने योग्य नहीं

सागर। महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने निगमायुक्त राजकुमार खत्री के साथ नगर निगम द्वारा विभिन्न स्थानों पर कुआं, हैंडपंप, दुकानों एवं घरों में नगर निगम द्वारा की जा रही पानी की गुणवत्ता की जांच का औचक निरीक्षण किया.

इस दौरान बड़ा बाजार स्थित श्री राम चौक के कुआं एवं हैंडपंप का पानी जांच में पीने योग्य नहीं पाया गया, महापौर ने तत्काल लाल रंग से चेतावनी लिखने के निर्देश दिए. इसके साथ ही शीतला माता मंदिर के कुआं, हैंडपंप एवं घरों के पानी की गुणवत्ता की जांच में पानी पीने योग्य पाया गया. निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य धर्मेन्द्र खटीक, उपायुक्त एस एस बघेल, सहायक यंत्री संजय तिवारी, संकल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष रिशांक तिवारी सहित नगर निगम के सभी अधिकारी उपस्थित थे.

वहीं दूसरी ओर नगर निगम क्षेत्र के कुओं एवं हैंडपंप के पानी की गुणवत्ता की जांच का कार्य प्रारंभ कर दिया गया, उन्होंने जवाहरगंज भीतर बाजार स्थित शीतला माता मंदिर के पास पहुंचकर समक्ष में पानी की गुणवत्ता की जांच करवाई जिसमें बड़ी मात्रा में अम्लीय गंदे पानी की मात्रा पाई गई. निगमायुक्त ने तत्काल लाल रंग से नागरिकों की जानकारी हेतु लिखवाया कि इस कुएं एवं हैंडपंप का जल पीने योग्य नहीं है इसलिए कोई भी व्यक्ति इसका उपयोग न करे. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिस कुएं व हैंडपंप के पानी की गुणवत्ता सही न हो उस कुएं पर लाल रंग से लिखवाएं. ननि क्षेत्रांर्तगत जलापूर्ति प्रणाली की अनुरक्षण व्यवस्था, पाइपलाइन रिसाव पहचान, पेयजल गुणवत्ता सुनिश्चित करने एवं शिकायत निवारण के साथ ही जलापूर्ति प्रणालियों का उचित अनुरक्षण, जल गुणवत्ता की निगरानी एवं पाइपलाइन रिसाव की समय पर पहचान करने व समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण करने हेतु सामान्य प्रशासन शाखा में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है.

 

छह माह पूर्व ही 50 लाख से कराई थी कुओं की सफाई

इस वर्ष जून माह में ही जलगंगा संवद्र्धन अभियान के तहत नगर निगम क्षेत्र के कुओं की सफाई कराई जाकर जनप्रतिनिधियों द्वारा समाचार पत्रों में भी समाचार प्रकाशित कराए गए थे. वहीं नगर निगम ने 50 लाख रुपए की लागत से हर वार्ड के 2-2 कुओं को चिन्हित कर सफाई के लिए निविदा निकाली गई थी. जिसमें से एक टेंडर के तहत ही काम हुआ बाकी तीन टेंडर नहीं हो सके थे. श्रीराम चौक और जवाहरगंज वार्ड के कुओं में आसपास के क्षेत्रों का गंदा पानी मिल रहा था.

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