अमेरिकी संस्था ‘USCIRF’ ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से अपील की है कि आरएसएस नेताओं को राजनयिक सम्मान न दिया जाए और उन पर प्रतिबंध लगाए जाएं

वाशिंगटन, अमेरिका में धार्मिक स्वतंत्रता के मामलों पर सलाह देने वाली संस्था ‘USCIRF’ के अधिकारियों ने डोनाल्ड ट्रंप सरकार से आग्रह किया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नेताओं को किसी भी तरह का राजनयिक सम्मान या उच्चस्तरीय बैठकें न दी जाएं। संस्था ने आगामी अमेरिकी दौरों और कार्यक्रमों के मद्देनजर यह तीखा विरोध दर्ज कराया है।

मोहन भागवत के दौरे से पहले बयान

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के आगामी न्यूयॉर्क दौरे से ठीक पहले यह बयान सामने आया है, जहां वे हिंदू अमेरिकियों की सभा को संबोधित करने वाले हैं। USCIRF के अध्यक्ष आसिफ महमूद और आयुक्त जीन मिल्स ने आरोप लगाया कि संघ और उससे जुड़े संगठनों की नीतियों के कारण अल्पसंख्यकों पर प्रभाव पड़ा है, जिसके चलते उन्होंने लक्षित प्रतिबंधों की मांग दोहराई है।

भारत का कड़ा रुख और प्रतिक्रिया

इससे पहले भी भारत सरकार ऐसे अंतरराष्ट्रीय बयानों और रिपोर्टों को खारिज कर चुकी है। भारत ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के संगठन देश की चुनिंदा और विकृत तस्वीर पेश करते हैं, जबकि अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हमलों और भारतीय प्रवासियों के प्रति बढ़ती असहिष्णुता पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

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