
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट से मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) को बड़ी राहत मिली है। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने एमडी की नियुक्ति व उनके पद पर बने रहने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। एकलपीठ ने मामले में कहा है कि चयन समिति ने अपने विवेकाधिकार का प्रयोग करते हुए अनय द्विवेदी को समिति की अनुशंसा के बाद कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त करने का निर्णय लिया है। उक्त निर्णय को किसी भी प्रकार से अवैध नहीं माना जा सकता। एमडी को केवल मध्य प्रदेश संवर्ग के किसी अन्य आईएएस अधिकारी द्वारा ही बदला जा सकता है।
यह मामला टीकमगढ़ निवासी निर्मल लोहिया की ओर से दायर किया गया था। जिसमें पूर्व पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी की नियुक्ति को नियम विरुद्व बताते हुए चुनौती दी गई थी। आवेदक का कहना था कि उक्त पद पर नियुक्ति के लिए पांच सदस्यीय समिति बनी है, जबकि सरकार ने सीधे नियुक्ति की है। आवेदक की ओर से कहा गया कि अनय द्विवेदी की नियुक्ति 10 दिसंबर 2021 को तीन वर्ष के लिए की गई थी, जोकि दिसंबर 2023 में समाप्त हो गई है। इसी बीच कमेटी की अनुशंसा के बाद 8 जून 2023 को पुन: नियुक्ति आदेश जारी किया गया। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने माना कि 2023 के नियुक्ति आदेश के तहत एमडी की नियुक्ति 2026 तक वैध मानी जाएगी। कंपनी की ओर से अधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने पक्ष रखा।
