कोलकाता, (वार्ता) पश्चिम बंगाल के कोलकाता के सरकारी नील रतन सरकार मेडिकल कॉलेज अस्पताल के वॉशरूम में 30 वर्षीय नर्स के मृत पाये जाने का मामला सामने आया है।
सूत्रों के मुताबिक नर्स रूपाली बर्मन ने बुधवार की रात आठ बजे अपनी नाइट शिफ्ट शुरू की थी। वह रात करीब 10.20 बजे वॉशरूम गईं। जब वह रात करीब 10.27 बजे तक वापस नहीं लौटीं, तो साथी नर्सों और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स ने उन्हें आवाज़ दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। वॉशरूम का दरवाज़ा अंदर से बंद था। बार-बार खटखटाने पर भी कोई जवाब न मिलने पर मोहम्मद समसेर आलम और श्रेया गेन ने दरवाज़ा तोड़ दिया। उन्होंने रूपाली को अंदर बेहोश पाया। डॉक्टरों ने तुरंत उसकी जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया।
कोलकाता पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रशासन ने भी एक आंतरिक जांच शुरू की है, जिसकी निगरानी राज्य का स्वास्थ्य विभाग कर रहा है।
कोलकाता पुलिस मुख्यालय से जारी बयान के अनुसार एंटाली पुलिस थाने को एनआरएस पुलिस चौकी से अस्पताल के हाई डिपेंडेंसी यूनिट के कमरा नंबर 33 में एक महिला नर्स के संदिग्ध आत्महत्या की सूचना मिली।
कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) कुणाल अग्रवाल ने बताया कि बर्मन गायनेकोलॉजी वार्ड में काम कर रही थीं।उन्होंने कहा “हम मृतक के परिवार की इच्छा के अनुसार पोस्टमार्टम करेंगे। हमें तुरंत कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। हमने उस जगह को सील कर दिया है जहां घटना हुई थी। पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और आगे की जानकारी के लिए रूपाली के पति से संपर्क किया है।
पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरद्वत मुखर्जी ने बताया कि रूपाली ने नर्सिंग में एमएससी की थी और उसकी पोस्टिंग गायनेकोलॉजी और ऑब्सटेट्रिक्स डिपार्टमेंट के हाई डिपेंडेंसी यूनिट( एचडीयू) में थी।
अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि रूपाली कथित तौर पर फेंटेनाइल की तीन शीशियां वॉशरूम ले गयी थीं। डॉक्टरों को शक है कि इस तेज असर वाली ओपिओइड दवा का इंजेक्शन उनकी कोहनी के पास की नस में लगाया गया होगा , हालांकि, मौत की असल वजह अभी पता नहीं चला है।
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल की बारीकी से जांच करने पर चोट का कोई निशान या सुसाइड नोट भी नहीं मिला है और मौत की असल वजह का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम और जांच की जायेगी।
इस बीच पीड़िता के परिवार ने मांग की कि पारदर्शिता बनाये रखने के लिए पोस्टमार्टम एनआरएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाहर किसी दूसरी जगह पर किया जाये।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि परिवार ने इसके लिए मेडिकल कॉलेज कोलकाता को चुना।
