
भोपाल। मध्यप्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश के कारण नदी-नालों के उफान और जलभराव की स्थिति को देखते हुए राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (एसडीईआरएफ), होमगार्ड्स और सिविल डिफेंस की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी मुस्तैदी से जुटी हैं।
होमगार्ड, सिविल डिफेंस एवं आपदा प्रबंधन (एसडीईआरएफ) की महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि संवेदनशील जिलों में बचाव दलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। क्विक रिस्पॉन्स टीमें, आपदा राहत वाहन, रेस्क्यू बोट और आधुनिक उपकरण तत्काल तैनाती के लिए तैयार हैं।
आगर मालवा जिले में सोयत थाना क्षेत्र के जलभराव वाले इलाकों में टीमों ने 380 लोगों को सुरक्षित निकाला। इनमें विद्युत कार्यालय कॉलोनी से 250, माधव चौक से 70 और इंदौर-कोटा हाईवे से 60 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिविरों में पहुंचाया गया।
उज्जैन में रामघाट पर तैनात होमगार्ड जवानों ने उफनती क्षिप्रा नदी में नहाते समय बह गए 21 वर्षीय जय सिसोदिया को बचाया। कांस्टेबल जीवन सोलंकी ने गहरे पानी में छलांग लगाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार के बाद जय को अस्पताल भेजा गया।
भोपाल स्थित एसडीईआरएफ मुख्यालय से संवेदनशील जिलों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। नागरिकों से नदी, नालों, पुलों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा आधिकारिक सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
