
शाजापुर, महूपुरा निवासी एक बांस व्यापारी को माल भेजने के नाम पर साइबर ठग ने 1 लाख रूण् की चपत लगा दी. जब व्यापारी को माल नहीं मिला तब उसे ठगी का एहसास हुआ. जिसकी शिकायत व्यापारी ने साइबर पुलिस को करते हुए कार्रवाई की मांग की है. पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है.
दरअसल, वजीरपुरा निवासी अनुपम गुप्ता 31 ने बताया कि उनकी हाट मैदान गली का पीठा महुपुरा में गिरिराज टिम्बर मर्चेन्ट नाम से बांस.बल्ली की दुकान है. 30 जुलाई को उनके पिता महेश गुप्ता के मोबाइल पर एक व्हाट्सऐप काल आया. काल करने वाले ने खुद को दीमापुर असम का थोक बांस व्यापारी गुड्डू माहेश्वरी बताया. आरोपी ने व्हाट्सऐप पर बांस के फोटो और दरें भेजीं. सौदा तय होने के बाद उसने विजय ट्रेडर्स कृष्णाई जिला गोलपारा असम के नाम से जीएसटी बिल भेजा. आरोपी ने माल के लिए 49 हजार 612 रुपए और परिवहन के लिए 65 हजार रुपए बताए. उसने पहले भाड़े के नाम पर 8 हजार रुपए ट्रांसफर करवाए. 31 जुलाई को आरोपी ने माल लोड होने और ट्रक के शाजापुर के लिए रवाना होने की जानकारी दी. इसके बाद ट्रांसपोर्टर के खाते में भुगतान के नाम पर व्यापारी से 35 हजार रुपए और वसूले गए. इसमें से 25 हजार रुपए व्यापारी के मित्र मुकुंद भावसार और 10 हजार रुपए अनुपम ने ट्रांसफर किए.
अलग-अलग से काम से डलवाई राशि
माल रवाना होने की जानकारी देने के बाद ट्रांसपोर्टर मनीष शर्मा और ड्राइवर श्रीकांत के नाम से अलग-अलग व्यक्तियों व्यापारी को फोन कर रकम मांगना जारी रखा. उन्होंने कभी ट्रक का टायर फटने,डीजल खत्म होने, ड्राइवर के खाने के पैसे न होने और आरटीओ द्वारा फिटनेस के लिए वाहन पकड़े जाने जैसे बहाने बनाए. इस पर व्यापारी ने 12 हजार 23 हजार 15 हजार 5 हजार और 8 हजार रुपए सहित कई बार पैसे ट्रांसफर किए.
माल नहीं पहुंचा तो हुई शंका, पुलिस से की शिकायत
7 अगस्त तक जब ट्रक शाजापुर नहीं पहुंचा और हर बार अगले दिन आने की बात कही जाती रही तब व्यापारी को ठगी का संदेह हुआ. इसके बाद उन्होंने 1930 साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और थाने में रिपोर्ट लिखवाई. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
