कांग्रेस को अब आया आलीराजपुर का ध्यान

मालवा- निमाड़ की डायरी

संजय व्यास

आगामी निकाय-पंचायत चुनाव को साल भर भी नहीं बचा है, ऐसे में कांग्रेस की आलीराजपुर को लेकर चिंता बढ़ गई है. यह जिला 8 माह से अध्यक्ष विहीन है. गत दिसंम्बर में तत्कालीन कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश पटेल उनकी बात को पार्टी द्वारा नजरअंदाज किए जाने से नाराज होकर इस्तीफा दे चुके हैं. उल्लेखनीय है कि 2023 का विधान सभा चुनाव कुछ ही अंतर से हार गए थे. इसके लिए उन्होंने पार्टी के तीन नेताओं पर भीतरघात कर एक निर्दलीय के लिए काम करने के आरोप लगाए थे और अपनी हार के जिम्मेदार उक्त तीनों नेताओं को कदाचरण के लिए पार्टी से बाहर करने की मांग की थी, पर समय निकलता जा रहा था और वे कार्रवाई से छिटके रहे. यहां तक ते ठीक था, लेकिन मुकेश पटेल तब उखड़ गए जब उनकी हार का कारण बने उक्त निर्दलीय का कांग्रेस में प्रवेश हो गया व प्रवेश कार्यक्रम के दौरान तथाकथित तीनो भीतरघातियों को ससम्मनान मंच पर शोभायमान किया गया. इसी घटना के बाद मुकेश पटेल ने इस्तीफे का मन बना लिया था. आज जिलाध्यक्ष विहीन आलीराजपुर में गुटबाजी की वजह से संगठन बिखरा हुआ है और पार्टी कार्यकर्ताओं के दिशाहीन क्रिया कलापों से ग्राम-फालियों तक कांग्रेस की पकड़ प्रभावित हो रही है. विधान सभा चुनाव-2028 के पूर्व होने वाले पंचायत चुनाव की ओर अब पार्टी का ध्यान गया है. क्षेत्र में दबदबा बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पंचायत जीतने की मंशा के साथ कांग्रेस ने आलीराजपुर जिलाध्यक्ष नियुक्ति की कवायद शुरु की है.

क्या ओम प्रकाश को मिलेगी कमान!

आलीराजपुर जिला कांग्रेस में यहां के कद्दावर नेता रहे वेस्ता पटेल के परिवार का वर्चस्व है. उनके बड़े पुत्र पूर्व विधायक मुकेश पटेल जिलाध्यक्ष का पद छोड़ चुके हैं. छोटी बहू सेना महेश पटेल आलीराजपुर नगर पालिका अध्यक्ष के साथ जिले की जोबट विधान सभा से विधायक हैं. सेना महेश पटेल के पुत्र पुष्पराज पटेल युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष हैं. महेश पटेल पूर्व में जिला अध्यक्ष की कमान संम्हाल चुके हैं और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कांति लाल भूरिया से विवाद के बाद एक बार पार्टी से बाहर हो चुके हैं, सो अबकी बार जिला अध्यक्ष के पद से पटेल परिवार को दूर रखे जाने की चर्चा है. रणनीतिक तौर पर पार्टी का यह भी सोचना है कि इस बार जिलाध्यक्ष का पद किसी अनुसूचित जाति की बजाए सामान्य वर्ग को दिया जाए. ऐसे में चर्चा में कई नाम सामने आ रहे है, पर पार्टी कर्ताधर्ताओं की निगाह पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राठौर व राजेंद्र टवली पर है. दोनों तेली समाज से आते हैं. संभावना जताई जा रही है कि इन दोनों में से ही किसी का चयन होगा. मुकेश पटेल तथा महेश पटेल की राजनीति की शैली अलग-अलग है और ओम प्रकाश राठौर सहजता से दोनों के साथ समन्वय बैठाकर चल सकते है. वहीं राजेंद्र टवली के खाते में उनके परिवार से मिला रणनीतिक कौशल है. पूर्व विधायक मगन सिंह पटेल को आलीराजपुर विधान सभा से 1972 से 1998 तक (1977 छोडक़र) लगातार 6 बार विधायकी जितवाने का श्रेय राजेंद्र टवली के पिता को जाता है. चूंकि राठौर को जिलाध्यक्ष पद सम्हालने का पूर्व अनुभव है तो देखते हैं कि उन्हें फिर से कमान मिलती है या चर्चाओं में ही नाम खत्म.

बिदाई पार्टी हुई, किंतु गये नहीं

हाल के तबादलों में बुरहानपुर नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल का छिंदवाड़ा ट्रांसफर हो गया. पुलिस स्टाफ ने समारोह आयोजित कर बिदाई भी दे दी. उनके स्थानापन्न के तौर पर इंदौर से विनोद सिंह कुशवाहा की पदस्थापना के आदेश हुए, पर बताया जा रहा है कि वे अब तक पदभार ग्रहण करने नहीं पहुंचे. अब स्थिति यह है कि बिदाई के बाद भी गौरव पाटिल वहीं हैं

Next Post

फ्लाईओवर पर स्कॉर्पियो से खतरनाक स्टंट पड़ा भारी

Tue Aug 11 , 2026
सतना: शहर के सेमरिया चौक स्थित शहर के मुख्य फ्लाईओवर पर रविवार रात एक काली स्कॉर्पियो से खतरनाक स्टंट किए गए। कार के पीछे चल रहे कार सवार लोगों के दोस्तों ने इसका वीडियो बनाया सोमवार को सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया गया। मामले को संज्ञान में लेकर यातायात पुलिस […]

You May Like