
रीवा, मऊगंज जिले की जनपद पंचायत हनुमना अंतर्गत ग्राम पंचायत खोढ़मानी का झखना टोला आज भी बदहाली की ऐसी जिंदगी जी रहा है, जिसे देखकर किसी का भी दिल दहल जाए. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने विकास के तमाम दावों की पोल खोल कर रख दी है.
वायरल वीडियो में एक गर्भवती महिला को चारपाई पर लिटाकर नदी पार कर अस्पताल ले जाया जा रहा है. वही दूसरी ओर मासूम स्कूली बच्चे तेज बहाव वाली नदी को पार कर अपनी जान जोखिम में डालते हुए स्कूल पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. सवाल यह है कि अगर इस दौरान कोई हादसा हो जाता, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता? करीब 300 से अधिक आबादी वाले झखना टोला में आज तक न पक्की सडक़ बनी, न पुल और न ही बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह पहुंच सकीं. बरसात शुरू होते ही पूरा गांव टापू बन जाता है. मरीजों को चारपाई पर ढोना पड़ता है, गर्भवती महिलाओं की जान भगवान भरोसे रहती है और बच्चों की पढ़ाई हर साल बारिश की भेंट चढ़ जाती है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और प्रशासन क्या कर रहा है. क्या प्रशासन किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है क्या किसी गर्भवती महिला या मासूम की जान जाने के बाद ही फाइलें खुलेंगी और पुल का निर्माण होगा. झखना टोला के ग्रामीण अब केवल वादे नहीं, बल्कि समाधान चाहते हैं. उनका कहना है कि यदि सडक़ निर्माण में समय लग रहा है तो कम से कम आस्थायी पुल का निर्माण तत्काल कराया जाए, ताकि हर बरसात में उन्हें मौत से जंग न लडऩी पड़े. मऊगंज जिले के झखना टोला की यह तस्वीर सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि उन विकास के दावों पर बड़ा सवाल है जो कागजों में चमकते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में बहते पानी के साथ बह जाते हैं.
