
अब इसे ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’ में भेजा जायेगा, जिसकी कार्यवाही सितंबर तक स्थगित है। विधेयक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ रूसी कुलीन वर्गों, राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों और रूस के रक्षा उद्योग का समर्थन करने वाली विदेशी कंपनियों पर प्रतिबंध की आवश्यकता होगी।
यह चीन-भारत सहित रूसी कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के पांच सबसे बड़े खरीदारों पर 100 फीसदी तक के शुल्क को भी अधिकृत करेगा।
अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर अंतिम शुल्क दर तय करेंगे। इस कानून में उन देशों को छूट दी गयी है, जिनकी हिस्सेदारी रूस के कुल प्राकृतिक गैस निर्यात में 15 प्रतिशत से कम है और जो रूसी गैस पर अपनी निर्भरता घटाने के लिए ठोस कदम उठा रहे हैं। एक वर्ष से अधिक समय तक इस कानून पर बातचीत में केंद्रीय भूमिका निभाने वाले रिपब्लिकन नेता लिंडसे ग्राहम ने अपने निधन से ठीक पहले यूक्रेन की राजधानी कीव की यात्रा के दौरान प्रशासन और सीनेट के अन्य प्रस्तावकों के साथ वार्ता में बड़ी सफलता हासिल होने का एलान किया था। उनके निधन के बाद दोनों दलों के सांसद उनकी विधायी विरासत के स्थायी हिस्से के रूप में इस उपाय को पारित करने के लिए प्रेरित हुए।
अमेरिका की सीनेट सशस्त्र सेवा समिति के अध्यक्ष रोजर विकर ने श्री लिंडसे ग्राहम के निधन के तुरंत बाद कहा, “यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।” विधेयक पर सीनेट का पहला प्रक्रियात्मक मतदान वॉशिंगटन में श्री ग्राहम के अंतिम संस्कार के तुरंत बाद हुआ। अंतिम संस्कार में शामिल हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने राजधानी में सीनेटरों से मुलाकात की और सीनेट गैलरी से मतदान देखा। अप्रैल 2025 में पहली बार पेश किये जाने के बाद से इस विधेयक में काफी बदलाव हुए हैं। मूल प्रस्ताव में कम से कम 500 फीसदी शुल्क का आह्वान किया गया था और इसमें कम छूट शामिल थीं।
पिछले 15 महीने से अधिक की बातचीत के बाद, सांसदों और प्रशासन ने राष्ट्रपति को सीधे अधिकार देने के बजाय श्री जेमिसन ग्रीर को इसके कार्यान्वयन पर अधिकार देते हुए निचले अधिकतम शुल्क पर सहमति व्यक्त की। कुछ सीनेटरों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के शुल्कों के उपयोग के बारे में चिंताओं का हवाला देते हुए प्रशासन की शुल्क शक्तियों का विस्तार करने पर आपत्ति जतायी थी। विधेयक के मुख्य डेमोक्रेटिक प्रस्तावक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंटल ने इस प्रावधान का बचाव करते हुए कहा कि इसे बहुत सीमित और स्पष्ट दायरे में रखा गया है और रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए यह कानून बेहद जरूरी है।
शुल्क प्रावधानों में बदलाव के लिए लाया गया संशोधन प्रस्ताव सीनेट में खारिज हो गया। इसके अलावा, सीनेटर राफेल वॉरनॉक ने भी अलग शर्त जुड़वाने की एक मांग रखी थी, जिसके तहत शीर्ष पांच खरीदारों की सूची से बाहर होने वाले देशों पर से शुल्क हटाया जाना था। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के इस बदलाव पर लिखित सहमति देने के बाद उन्होंने अपना प्रस्ताव वापस ले लिया। निचले सदन में इस विधेयक के पास होने को लेकर संशय बना हुआ है। जब तक सांसद छुट्टियों से वापस नहीं लौट आते, तब तक सदन द्वारा इस पर विचार किये जाने के आसार नहीं हैं।
